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आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से राहत लेकिन एमपी एमएलए कोर्ट में तय हुए आरोप

समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान के लिए शुक्रवार का दिन कोर्ट से राहत और मुसीबत दोनों लेकर आया. अदालत ने एक मामले में मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ी 13 एकड़ जमीन को तुरंत डीसील करने का आदेश दिया, लेकिन रामपुर के एक कोर्ट में उनके खिलाफ आरोप तय किए गए हैं.

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समाजवादी पार्टी के नेता आमिर खान (फाइल फोटो)
समाजवादी पार्टी के नेता आमिर खान (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सुप्रीम कोर्ट ने 13 एकड़ जमीन डीसील करने का आदेश दिया
  • जमानत की शर्तों में जमीन का क्या मतलब
  • रामपुर के एमपी एमएलए कोर्ट में चार्ज फ्रेम

सुप्रीम कोर्ट से समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान को बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उन्हें नियमित जमानत दे दी और यूपी सरकार को मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ी 13 एकड़ जमीन को तुरंत डीसील करने का आदेश दिया. दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने आजम खान की जमानत के समय इलाहाबाद हाई द्वारा लगाए शर्त के उस हिस्से को हटाने का आदेश दिया है जिसमें उन्हें लगभग 13 एकड़ की जमीन को जिला प्रशासन को देने के लिए कहा गया था. 

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अदालत ने उन्हें रामपुर जाने से रोकने के उत्तर प्रदेश सरकार के अनुरोध को भी ठुकरा दिया. जस्टिस ए एम खानवलिकर और जस्टिस जेबी परदीवाला की खंडपीठ शुक्रवार को आजम खान द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी. ये याचिका इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा आजम खान की जमानत के दौरान लगाए गए कुछ शर्तों से जुड़ी हुई है. ये मामला शत्रु संपत्ति पर मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण से जुड़ा है. 

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा लगाए गए जमानत के शर्त को रद्द कर दिया, इसी शर्त की वजह से विश्वविद्यालय परिसर को सील कर दिया गया था.  हालांकि कोर्ट ने कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा लगाई गई अन्य शर्तें पूरी जमानत अवधि के दौरान लागू रहेंगी.

सुनवाई के दौरान जस्टिस खांडविलकर ने सरकार से पूछा कि जमानत की शर्तों में जमीन का क्या मतलब है?

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ASG ने कहा कि आजम के द्वारा हाई कोर्ट में कहा गया कि उस जमीन से उनका कोई मतलब नही है. हाई कोर्ट द्वारा बेल की शर्तों में इसको लिया गया था. इसी जमीन पर अवैध कब्जे के लिए ही मामला दर्ज है. 

जस्टिस खानविलकर ने कहा, "अधिकारियों को अपना काम करना चाहिए, हमें कोई आपत्ति नहीं है लेकिन जमानत आदेश के लिए यह कोई शर्त नहीं हो सकती है. वे किसी अन्य नियम के तहत कार्रवाई करें, हमें कोई समस्या नहीं है. 

रामपुर कोर्ट में आरोप तय

आजम खान को भले ही सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई हो लेकिन जिला रामपुर एमपी एमएलए कोर्ट में उन पर 7 मामलों में आरोप तय कर दिए गए हैं. इन सभी अलग-अलग मामलों में अदालत में सुनवाई की अगली तारीख 28 और 30 जुलाई है.

सरकारी वकील कमल गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार को आजम खान के साथ मामले में चार्ज फ्रेम हुआ है. जिसमें तीन मामले थाना कोतवाली से संबंधित है और चार मामले थाना गंज से डूंगरपुर वाले मामले से जुड़े हैं. वकील ने कहा कि सारे मुलिजम आजम खान, वीरेंद्र गोयल, फसाहत शानू, ओमेंद्र चौहान न्यायालय आए थे और न्यायालय में इनके ऊपर आरोप तय कर दिए गए हैं.
 

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