धार्मिक नामों वाली राजनीतिक पार्टियों की मान्यता रद्द करने की मांग के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई टल गई. अब चार हफ्ते बाद सुनवाई होगी. सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट में मामले से सम्बंधित लंबित याचिका की जानकारी देने को कहा है. सुनवाई के दौरान AIMIM की तरफ से वरिष्ठ वकील केके वेणुगोपाल ने याचिका की मेंटेनेबिलिटी यानी सुनवाई योग्य होने पर ही सवाल उठाते हुए याचिका को खारिज करने की गुहार लगाई.
AIMIM के वकील केके वेणुगोपाल ने कहा कि इसमें किसी के मौलिक अधिकार का हनन नहीं हो रहा है. इसी तरह की याचिका दिल्ली हाई कोर्ट में भी लंबित है.
सीनियर वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का चुनाव सिंबल कमल है, जो हिन्दू धर्म में एक प्रतीक है. याचिकाकर्ता के वकील गौरव भाटिया ने कहा कि देश में दो तरह के राजनीतिक दल हैं, राष्ट्रीय और राज्य स्तर की पार्टियां. चुनाव आयोग ने अपने हलफनामे में बताया है कि हाईकोर्ट में दायर याचिका का निपटारा हो चुका है.
AIMIM के नाम पर आपत्ति क्यों?
गौरतलब है कि ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम का फुल फॉर्म ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन है. इसमें मुस्लिमीन शब्द आने पर याचिका में आपत्ति जताई गई है. ओवैसी के अलावा इस तरह अन्य किसी भी पार्टी की मान्यता रद्द करने की मांग की गई है.