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मिठाइयां भारत में हर त्योहार को मनाने का एक अनिवार्य हिस्सा हैं. त्योहार का सीजन आते ही इनकी मांग काफी अधिक बढ़ जाती है. बाजार में कई तरह की मिठाइयां मिलती हैं जो दिखने और खाने में काफी स्वादिष्ट होती हैं. हालांकि, त्योहार के इस सीजन में मिठाइयों के हाइजीन और शुद्धता पर भी सवाल खड़े होते हैं क्योंकि आए दिन खबरें भी सामने आती हैं कि नकली घी, मावा, डेयरी प्रोडक्ट में मिलावट की जा रही हैं.
कई मिठाइयों की सेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए उनमें कैमिकल मिलाए जाते हैं तो कई में तेल मिलाया जाता है. अब ऐसे में आपको मिलावटी मिठाई की पहचान करना भी हर किसी को आना चाहिए. तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि मिलावटी मिठाई की पहचान कैसे करें और अगर कोई मिलावटी मिठाई खा लेता है तो उसे कौन-कौन से जोखिम हो सकते हैं.
मावा में किस तरह की मिलावट हो रही है?
इस बारे में फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) के असिस्टेंट कमिश्नर (ग्रेड II) सर्वेश मिश्रा ने Aajtak.in को बताया, 'देखिए ऐसा है, मिलावट करना और दूषित जगह में मिठाई बनाना, दोनों ही हमारी सेहत के लिए खतरनाक है. अगर कोई मिठाई गंदी जगह बनाई जा रही है, साफ-सफाई का ध्यान नहीं दिया जा रहा है, मिठाई से स्मेल आ रही है तो वह तो इंसान खुद पहचान सकता है लेकिन आजकल मुनाफा अधिक कमाने के चक्कर में दुकानदार 2 तरीके की मिलावट काफी अधिक कर रहे हैं जो हमारी पकड़ में भी आई हैं.'
'मिलावटी मिठाइयों की बात करें तो आजकल सबसे अधिक मिलावट जो हो रही है वो हो रही है मावा (खोया) में. कुछ दिन पहले ही ही ग्रेटर नोएडा के सिरसा में 100 किलो मिलावटी मावा और मेरठ से चौपाला मंदिर, गाजियाबाद ले जाए जा रहे 88,000 रुपए के 400 किलो मावा को जब्त किया गया है. अगर कोई मावा लेता है तो उसमें 2 तरीके की मिलावट की जा सकती है. पहली मिलावट होती है, स्टार्च जैसे कि आलू या सूजी. इस टाइप की जो मिलावट होती है, वह काफी आसानी से पकड़ में आ जाती है. इसकी शुद्धता की जांच करने के लिए मार्केट में आयोडीन सॉल्यूशन आता है. अगर आप आयोडीन सॉल्यूशन की एक बूंद मावा पर डालें. अगर मावा तुरंत काला या नीला हो जाता है तो इसका मतलब है कि उसमें मिलावट है.'
'दूसरी मिलावट जो होती है वो होता ही कि दूध से मिल्क फैट को निकाल लिया जाता है. फैट से वो लोग घी बनाकर बेच देते हैं जिससे उन्हें मावा और घी दोनों से फायदा होता है. दूध से जो फैट निकाला जाता है, उसकी जगह वे लोग रिफाइंड, सोयाबीन या वनस्पति ऑयल मिला देते हैं. ये तेल स्वाभाविक रूप से सस्ते होते हैं.'
'इसकी शुद्धता की जांच करने के लिए उसे जीभ पर रखेंगे तो पता चल जाएगा. दूध हल्का मीठा होता है. अगर आपको हल्का मीठा स्वाद की जगह रिफाइंड, सोयाबीन या वनस्पति तेल का उपयोग हुआ होगा तो आपको कसैलापन महसूस होगा.'
'दूध को जब आप मावा बनाएंगे तो उसमें से काफी कम मावा निकलता है यानी कि 1 किलो दूध से करीब 100 ग्राम. वहीं कोई दूध में अगर इन तेलों का इस्तेमाल करता है तो उसे अधिक मावा मिलेगा.'
पनीर में मिला रहे शैंपू और तेल
सर्वेश मिश्रा बताते हैं, 'हम लोग काफी मात्रा में मिलावटी पनीर बिकता हुआ भी देख रहे हैं. यानी कि वो दिखता तो पनीर जैसा है लेकिन उसमें काफी सारी मिलावट होती है. वह दिखने में तो पनीर जैसा लगता है लेकिन उसमें पनीर के गुण नहीं होते. मिलावटी पनीर में भी 2 ही चीजें हैं. उसमें से भी ये लोग फैट निकाल लेते हैं. अब उससे अगर फैट निकाल लिया जाएगा तो पनीर तो बनेगा लेकिन उसमें चिकनाहट नहीं होगी.'
'चिकनाहट लाने के लिए वे लोग पनीर में रिफाइंड ऑयल मिलाते हैं ताकि उसमें फैट वापिस आ जाए. वहीं कुछ लोग पनीर में भी स्टार्च मिला देते हैं.'
आप देखिएगा अगर किसी प्रकार के वेजिटेबल ऑयल को अगर दूध में मिलाया जाएगा तो वह दूध में ऊपर तैरने लगेगा. तेल और दूध को मिलाने के लिए वो लोग उसमें इमल्सिफिकेशन करते हैं यानी मतलब उसको मथानी से मथते हैं. लेकिन वो इमल्सिफ तभी होगा जब उसमें कुछ डिटर्जेंट या शैंपू डालेंगे. बिना डिटर्जेंट के उसे अच्छे से नहीं मथा जा सकता.'
'अब पनीर में से डिटर्जेंट की स्मेल गायब करने के लिए वो उसमें लिक्विट ग्लूकोज या माल्टोज मिलाते हैं जिससे उसमें दूध जैसा हल्का मीठा टेस्ट आ जाता है और पनीर बनने के बाद आम इंसान उसे नहीं पहचान पाता कि वह मिलावटी पनीर खा रहा है.'
'पनीर को काफी कम लोग कच्चा खाते हैं. अगर कोई कच्चा पनीर खाता है तो भी उसे टेस्ट समझ आ जाता है क्योंकि जुबान पर कसेला स्वाद आएगा और वहीं आयोडीन सॉल्यूशन डालकर भी उसकी शुद्धता का पता लगा सकता है.'
मिठाई खरीदते समय कौन सी सावधानी रखें?
सर्वेश मिश्रा बताते हैं, 'जो मैंने एक चीज बताई है कि दूषित मिठाइयों को को आप वहां की हाइजीन देखकर, स्मेल देखकर या उसका टेस्ट देखकर पता कर सकते हैं. इसके अलावा आप रंगीन मिठाइयों को खरीदने से बचें. हालांकि फूड कलर या आर्टिफिशियल इडेबल फूड कलर लीगल हैं लेकिन उनका अधिक प्रयोग भी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है. ये समझें कि एक किलो मिठाई में एक ग्राम तक कलर का यूज सुरक्षित माना जाता है. इसलिए बहुत अधिक चटक कलर वाली मिठाई खरीदने से बचें. अगर मिठाई दुकान में रखी है तो आप उसकी हाइजीन का पता नहीं लगा पाएंगे. इसलिए ध्यान रखें कि हमेशा ऐसी दुकान से मिठाई खरीदें जिसके बारे में आप जानते हैं कि बनाते समय वह साफ सफाई का ध्यान रखता है.'
'अगर मिठाई पर चांदी का वर्क लगा है तो उसे मिठाई से निकालकर हाथ पर रखें और उसे अंगूठे से रगड़ दीजिए. अगर शुद्ध चांदी का बर्क है तो वह गायब हो जाएगा और अगर उसमें एल्यूमीनियम फॉइल की मिलावट की गई है तो उसकी गोली बन जाएगी. इसका कारण है कि चांदी ऐसी धातु है जिसे पतले से पतले रूप में लाया जा सकता है. अगर असली होगा तो वह सबसे पतले फॉर्म के बाद गायब हो जाएगा और वहीं एल्यूमुनियम वैसा का वैसा रहेगा, बस उसका आकार बदल जाएगा.'
'दिवाली पर सोनपापड़ी काफी अधिक चलन में होती है. दावा किया जाता है कि उसे घी से बनाया जाता है लेकिन अगर घी में ही मिलावट कर दी गई तो? अगर सोनपापड़ी की अगर बात करे तो सोनपापड़ी में की स्मेल से आप पता कर सकते हैं कि उसमें कोई वेजिटेबल ऑयल तो नहीं मिला है. कई बार उसमें वेजिटेबल ऑयल मिलाकर देसी घी का एसेंस मिला दिया जाता है. जिससे उसकी स्मेल तो चैंज हो जाती है लेकिन थोड़ा बहुत टेस्ट बरकरार रहता है. इसे पहचानने के लिए आप जैसे ही सोनपापड़ी का डिब्बा खोलेंगे, आपको वेजिटेबल ऑयल की स्मेल आएगी.'
'अगर आप पैक मिठाई ले रहे हैं तो उसकी लेवलिंग जरूर देखें. कई कंपनिया अपना रजिस्ट्रेशन कराए बिना ही खराब क्वालिटी वाली मिठाई पैक करके बेंचती हैं. इसलिए हमेशा पैकेज्ड मिठाई पर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) की मार्किंग देखें.'
मिलावटी मिठाई खाने से हो सकती हैं ये समस्याएं
जयपुर के नारायणा हॉस्पिटल के गैस्ट्रोएंटरोलिस्ट डॉ. अभिनव गुप्ता ने मिलावटी मिठाई खाने से शरीर पर होने वाले साइड इफेक्ट के बारे में बात करते हुए Aajtak.in को बताया, 'मिठाई खाने से सबसे ज्यादा जिन अंगों पर असर होता है वो है पेट और किडनी. कोई भी खराब चीज सबसे पहले पेट खराब करती है, उसी तरह मिलावटी मिठाई और पनीर खाने से आपके पेट में दर्द होगा, दस्त की शिकायत होगी, मतली, उलटी, घबराहट जैसी शिकायतें आएंगी. लंबे समय तक बदहजमी हो सकती है और लंबे समय से अगर आप नकली मिठाइयां या पनीर खाते हैं तो किडनी स्टोन होने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है.'
'इसके अलावा लिवर और हार्ट पर भी इसका असर हो सकता है क्योंकि नकली मिठाइयों में खराब क्वालिटी वाले तेल की मिलावट की जाती है जिसके कारण कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है और आपको उसके कारण काफी मुश्किलों का सामना करना पढ़ सकता है.'
मिठाई और पनीर में डिटर्जेंट, प्रिजर्वेटिव्स, अधिक मात्रा में तेल, पॉम ऑयल एसेंस आदि को मिलाया जाता है. ये लंबे समय तक मिठाई को फ्रेश दिखने और अच्छी स्मेल देने में मदद करते हैं. लेकिन इन चीजों से ये मिठाई और भी जहरीली हो सकती है.'
'फूड में मिलाए जाने वाले कलर एजेंट भी कई बार अधिक मात्रा में मिलाए जाते हैं जिससे स्किन एलर्जी या फिर गले में समस्याएं हो सकती हैं. अगर कोई आप मिलावटी मिठाई या पनीर का सेवन करेंगे तो आपको शुरुआत में पेट दर्द, उल्टी दस्त, जैसी समस्याएं हो सकती हैं. अगर किसी को ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत किसी डॉक्टर से पास जाएं और आपने क्या खाया है, इस बारे में डिटेल दें.'
'वहीं इससे बचाव का सबसे अच्छा और सबसे उपयोग रास्ता है कि आप पानी अधिक पीते रहें. ताकि टॉक्सिन्स शरीर से बाहर आ सकें.'