दही खाना हमारी सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है. दही में भरपूर मात्रा में कैल्शियम होता है. एक कटोरी दही खाने से कैल्शियम की दैनिक जरूरत का 49% हिस्सा शरीर को मिल जाता है. कैल्शियम स्वस्थ दांतों और हड्डियों के लिए जरूरी होता है. दही प्रोटीन का भी बेहतरीन स्रोत होती है जिसे नियमित रूप से खाने से मेटाबॉलिज्म ठीक ढंग से काम करता है. दही खाने से हमारी इम्यूनिटी भी मजबूत होती है क्योंकि प्रोबायोटिक्स मौजूद होते हैं जो हमें बीमारियों से बचाते हैं.
क्या सर्दी के मौसम में दही खाना चाहिए?
आयुर्वेद- आयुर्वेद के मुताबिक, सर्दियों में दही खाने से बचना चाहिए क्योंकि इससे गले की परेशानी और सर्दी-खांसी हो सकती है. जिन लोगों को अस्थमा, साइनस, सर्दी-जुकाम जैसी सांस संबंधी समस्याएं हैं, उन्हें सर्दियों में दही खाने से बचना चाहिए. इसलिए, आयुर्वेद में सलाह दी गई है कि सर्दियों, खासकर रात में दही खाने से बचना चाहिए.
आयुर्वेद के मुताबिक, दही का सेवन दोपहर के खाने के वक्त करना चाहिए क्योंकि इस दौरान हमारी पाचन अग्नि तेज होती है. दही में एक चुटकी काली मिर्च या जीरा पाउडर डालकर खाने से दही के गुण बढ़ जाते हैं. इससे पाचन शक्ति मजबूत रहती है और कफ आदि नहीं होता.
आयुर्वेद में यह भी कहा गया है कि दही को खट्टे फलों, दूध और तरबूज के साथ नहीं खाना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि इससे पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं और शरीर में विषाक्त पदार्थों की मात्रा भी बढ़ सकती है.
क्या कहता है विज्ञान
दही में पेट के लिए फायदेमंद बैक्टीरिया होते हैं जो हमें सेहतमंद बनाने का काम करते हैं. दही हमारी इम्यूनिटी को भी मजबूत करती है जिसे सर्दियों में खाने से हम बार-बार बीमार नहीं पड़ते. लेकिन जिन लोगों को सांस संबंधी परेशानियां हैं, उन्हें बिना डॉक्टर के सलाह के दही नहीं खानी चाहिए. सर्दियों में शाम 5 बजे के बाद भी दही खाने से बचना चाहिए, खासकर उन लोगों को जिन्हें एलर्जी और अस्थमा की दिक्कत है.
कुछ एक्सपर्ट्स सर्दी-जुकाम में दही खाना गलत नहीं मानते. उनका तर्क होता है कि दही विटामिन सी से भरपूर होती है जिस कारण इसे खाने से सर्दी-जुकाम में राहत मिल सकती है. हालांकि, इस बात को ध्यान में रखना चाहिए कि दही को रूम टेंपरेचर पर ही खाया जाए, उसे फ्रीज से निकालकर न खाएं.