हेल्दी और लॉन्ग लाइफ के लिए लोग नैचुरल फूड पर भरोसा करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ नैचुरल फूड आपकी उम्र बढ़ाने की बजाए तेजी से मौत के दरवाजे तक लेकर जा सकते हैं. इनकी गुठली से लेकर पत्तियों तक में खतरनाक कैमिकल और जहरीले पदार्थ मौजूद होते हैं. इसलिए आपको इनकी क्वांटिटी और रेसिपी के साथ-साथ ये अच्छी तरह पता होना चाहिए कि इनके किस हिस्से को खाने से आपकी जान जा सकती है.
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चेरी- मेंस जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चेरी की गुठली हमारे शरीर के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकती है. इसकी कठोर गुठली न सिर्फ आपके दांतों को खराब करती है, बल्कि इसमें मौजूद सायनोजैनिक नाम का तत्व क्रश होने के बाद सायनाइड नाम के कैमिकल कंपाउंड में तब्दील हो जाता है. 'ब्रिटिश कोलंबिया ड्रिग एंड पॉयजनस इंफॉर्मेशन सेंटर' के मुताबिक, जहरीले तत्वों से भरी इस गुठली को मुंह में तोड़े बिना ही इस स्वादिष्ट फल का मजा लें.
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पफर फिश- पफर फिश को ब्लो फिश या फुगु भी कहा जाता है. ये मछली दिखने में ही बेहद खतरनाक लगती है. नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ के मुताबिक, इस मछली की त्वचा और अंग में जहरीले तत्व पाए जाते हैं. इसमें मौजूद टेट्रोडोटॉक्सिन नाम के विषैले तत्व से आपकी मांसपेशियों को पैरालाइज हो सकता है और सांस की तकलीफ के चलते आपकी मौत हो सकती है.
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कैस्टर ऑयल- कई गुणकारी तत्वों के चलते कैस्टर ऑयल का प्रयोग स्किन और हेयर को हेल्दी बनाए रखने के लिए किया जाता है. लेकिन ये घरों में इस्तेमाल होने वाले नारियल या ऑलिव ऑयल से बिल्कुल अलग है. सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन के मुताबिक, कैस्टर ऑयल एक बीज से निकलता है जिसमें राइसिन नाम का जहरीला तत्व भी शामिल होता है. जर्नल एनालिटिकल कैमिस्ट्री की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक बीन से निकलने वाला राइसिन हजारों लोगों को मौत की नींद सुलाने के लिए काफी है. इसलिए आप कैस्टर ऑयल खरीदें तो ये जरूर देखें कि उत्पादन में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया है या नहीं.
शेलफिश- शेलफिश भी फूड एलर्जी से जुड़ीं दिक्कतें पैदा कर सकती है. 'अमेरिकन कॉलेज ऑफ एलर्जी, अस्थमा और इम्यूनोलॉजी' के मुताबिक, शेलफिश खाने वाले लोग एलर्जी के चलते सबसे ज्यादा अस्पताल में दाखिल होते हैं. इसे खाने के बाद अक्सर लोगों को मुंह में खुजली, गले में खराश और पेट दर्द की शिकायत हो सकती है. सांस में तकलीफ और उल्टी, शेलफिश के कारण होने वाली एलर्जी के लक्षण हैं. यदि इसका समय पर इलाज न कराया जाए तो इंसान की मौत हो सकती है.
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एल्डरबैरी- वैसे तो एल्डरबैरी एक सुरक्षित फूड है, लेकिन इसकी पत्तियां और तना आपकी मुश्किलें बढ़ा सकता है. सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन के मुताबिक, एल्डरबैरी की पत्तियां और तना पेट से संबंधित विकार का कारण बन सकता है. एल्डरबैरी पेट में ग्लाइकोसाइड से कॉन्टैक्ट करती है जो पचने के बाद सायनाइट में परिवर्तित हो जाती है. हालांकि एक अच्छी बात ये भी है कि कुकिंग हीट पर ये खतरनाक तत्व नष्ट भी हो जाता है. इसलिए आप इससे बने जैम, वाइन या फूड खा सकते हैं.
जंगली बादाम- अगर बादाम का नाम सुनकर आपके मुंह में पानी आ रहा है तो बता दें कि हम बाजार में मिलने वाले मीठे बादाम खाते हैं, जंगली नहीं. इंटरनेशनल स्कॉलर्ली रिसर्च नोटिसिस टॉक्सिकोलॉजी के मुताबिक, जंगली बादाम को खाने योग्य बनाने के लिए इन्हें खास हीट ट्रीटमेंट के जरिए प्रोसेस्ड किया जाता है. फिर भी बच्चों को 5-10 बादाम ज्यादा नहीं खाने चाहिए और वयस्कों को 50 से ज्यादा बादाम नहीं खाने चाहिए.
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सेम की फली- कई घरों में लोग सेम की फली की सब्जी खाना पसंद करते हैं. पर क्या आप जानते हैं सेम की कच्ची फली में मौजूद लाइमामैरीन नाम का तत्व खाने के बाद हाइड्रोजीन सायनाइड नाम के जहरीले कैमिकल के रूप में डीकम्पोज हो जाता है. इसलिए इसे अच्छे से छीलकर, धोकर पकाना चाहिए.
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जायफल- भारतीय खाने में जायफल का काफी ज्यादा इस्तेमाल होता है. आयुर्वेद में भी इसके बड़े फायदे बताए गए हैं. लेकिन कुछ रिपोर्ट्स ऐसा दावा करती हैं कि जायफल की परत पर विषैले तत्व होते हैं. 'जर्नल ऑफ मेडिकल टॉक्सिकोलॉजी' की रिपोर्ट के मुताबिक, ये तत्व हमारे शरीर के लिए बेहद खतरनाक है, जिससे सिर दर्द, जी मिचलाने और सिर चकराने की दिक्कत बढ़ सकती है.
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मूंगफली- मूंगफली को भी बहुत ही हेल्दी फूड माना जाता है. सर्दी के मौसम में तो ये काफी ज्यादा खाई जाती है. लेकिन क्या आप जानते हैं मूंगफली से फूड एलर्जी की शिकायत हो सकती है. सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन के मुताबिक, मूंगफली का अत्यधिक सेवन करने वाले लोग जीवन के किसी भी पड़ाव पर फूड एलर्जी का शिकार हो सकते हैं. इससे इन्फ्लेमेशन और एनाफाइलैक्टिक रिएक्शन की भी समस्या हो सकती है. अगर आपको कभी एलर्जी के लक्षण नजर आएं तो डॉक्टर से संपर्क करें.
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दालचीनी- जायफल की तरह दालचीनी भी हर किचन में मिल जाएगी. साल 2012 में 'अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ पॉयजन कंट्रोल सेंटर्स' ने इसे लेकर एक चेतावनी भी जारी की थी. अगर दालचीनी का पाउडर सांस के जरिए अंदर चला जाए तो इससे आपके फेफड़ों में जलन हो सकती है. इसके अलावा, उल्टी और खांसी की समस्या हो सकती है. इसलिए आप इसे अपने खाने तक ही सीमित रखें