अमेरिका की फाइजर वैक्सीन (Pfizer Vaccine) एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है. रूस की न्यूज एजेंसी स्पुतनिक की रिपोर्ट के मुताबिक, नॉर्वे में फाइजर वैक्सीन लगने के बाद 13 लोगों की मौत हो गई है. इन मौतों के लिए वैक्सीन के साइड इफेक्ट को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है. मरने वाले ये सभी लोग बुजुर्ग और कमजोर थे.
नॉर्वे की मेडिसिन्स एजेंसी ने आग्रह किया है कि वैक्सीन को लेकर बहुत कम जोखिम का दावा किया गया है लेकिन इसके बावजूद कमजोर लोगों को वैक्सीन देने पर फिर से विचार किया जाना चाहिए.
नॉर्वे में दिसंबर के अंतिम दिनों में फाइजर-बायोएनटेक का वैक्सीनेशन शुरू किया गया था. 67 साल के सविन एंडरसन को पहली फाइजर वैक्सीन लगाई गई थी. इसके बाद से वहां 33 हजार लोगों को ये वैक्सीन लगाई जा चुकी है.
वैक्सीनेशन की शुरुआत में ही इस बात की घोषणा कर दी गई थी कि कुछ लोगों में इसके साइड इफेक्ट्स देखने को मिल सकते हैं. नॉर्वेजियन मेडिसिन्स एजेंसी के अनुसार, साइड इफेक्ट्स के अब तक कुल 29 मामले सामने आ चुके हैं जिनमें से कुछ को मौत का भी खतरा है.
नॉर्वेजियन मेडिसिन्स एजेंसी के मेडिकल डायरेक्टर स्टेइनार मैडसेन ने नेशनल ब्रॉडकास्टर NRK से बातचीत में कहा, 'इनमें से 13 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि नौ लोगों में गंभीर और सात लोगों में कम गंभीर साइड इफेक्ट पाए गए हैं.
नॉर्वेजियन मेडिसिन्स एजेंसी ने 23 लोगों की मौत को फाइजर वैक्सीनेशन से जोड़ा है. हालांकि, अब तक इनमें से सिर्फ 13 मरीजों की जांच की जा सकी है. ये सारे मृतक नर्सिंग होम में रहने वाले कमजोर, बुजुर्ग थे. इनमें से कुछ 80 तो कुछ 90 साल से भी ज्यादा उम्र के थे.
मैडसेन ने कहा, 'ऐसा लगता है कि इनमें से कुछ मरीजों को वैक्सीन लगवाने के बाद बुखार और बेचैनी जैसे साइड इफेक्ट हुए जिसकी वजह से वो गंभीर रूप से बीमार हो गए और उनकी मौत हो गई.'
मैडसेन ने कहा कि इस तरह के मामले बहुत कम आए हैं और अब तक दिल संबंधी बीमारी, डिमेन्शिया, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज और कई अन्य बीमारी वाले हजारों लोगों को बिना किसी गंभीर साइड इफेक्ट ये वैक्सीन लगाई जा चुकी है.
मैडसेन फाइजर वैक्सीन पर अब तक के आए साइड इफेक्ट को लेकर चिंतित नहीं हैं. उन्होंने कहा, 'हम इसे लेकर परेशान नहीं हैं. ये स्पष्ट है कि कुछ कमजोर और बीमार लोगों को छोड़ कर इन वैक्सीन का रिस्क बहुत कम है.'