कुछ लोग अपने बिस्तर और तकिए को लेकर किसी तरह का समझौता नहीं करते हैं. बिना अपने खास तकिए के उन्हें नींद नहीं आती है. हार्वर्ड के स्लीप एक्सपर्ट डॉक्टर लॉरेंस एपस्टीन का कहना है कि जिस भी चीज में हमें आराम मिलता है, उससे हमें नींद अच्छी आती है लेकिन कभी-कभी तकिए की गलत पोजिशन से शरीर को नुकसान भी पहुंचता है.
हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि अगर आपकी गर्दन एक तरफ बहुत देर तक मुड़ी रहती है, तो आपको दर्द हो सकता है. बहुत ज्यादा नर्म या सख्त तकिया लगाने से गर्दन में ऐंठन आ सकती है. अगर आप नर्म तकिए की एक तरफ सोते हैं तो आपकी गर्दन को ठीक से सहारा नहीं मिलता है और दिक्कत शुरू हो जाती है.
वहीं अगर आप पेट के बल सोते हैं तो आपकी गर्दन पीछे की तरफ हो जाती है. इस स्थिति में सख्त तकिया लगाने से गर्दन और पीछे की तरफ जाने लगता है. इसी तरह, पीठ के बल सोने से गर्दन पर बहुत आगे की तरफ से दबाव पड़ता है. इसकी वजह से कई तरह की दिक्कतें होने लगती हैं.
ठीक से ना सोना- रात में ठीक से ना सो पाने की वजह से मांसपेशियों की ताकत, टिश्यू और कई अंग ठीक तरह से काम नहीं कर पाते हैं. इसकी वजह से मूड खराब रहने लगता है, सोचने की क्षमता प्रक्षावित होने लगती है और भूख ना लगने की भी समस्या होने लगती है. लगातार नींद की कमी से आपके मोटापा, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है.
कुछ खास तरह के तकिए इस तरह की समस्या को दूर कर सकते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि लाइफस्टाइल में बदलाव कर और सिर को 30 डिग्री तक ऊंचा कर कर सोना सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है.
शरीर के ऊपरी हिस्से को ऊंचा करके सोने से साइनस की समस्याओं में भी कमी आती है. इसके अलावा अगर आपको चक्कर आते हैं या कान संबंधी कोई दिक्कत है तो इस अवस्था में सोने से आराम मिलेगा.
विशेष रूप से डिजाइन किए गए तकिए से लोगों को स्लीप एपनिया की समस्या से भी आराम मिल सकता है. इसमें मरीजों को सांस रुकने की दिक्कत होती है. इन मरीजों के लिए खासतौर के तकिए डिजाइन किए जाते हैं जिसमें मरीज अपना CPAP मास्क लगाकर सो सकते हैं.