हममें से कई लोगों को सोते समय अजीबोगरीब सपने आते हैं. ये सपने अच्छे भी हो सकते हैं और डरावने भी. उठने के बाद ये सपने भूल जाते हैं लेकिन कई लोगों को सपने याद रह जाते हैं. सपने याद रह जाने की स्थिति में लोगों के मन में तरह-तरह के ख्याल आते हैं और मन भारी सा हो जाता है. आइए जानते हैं कि ऐसा क्यों होता हैं और इसे कैसे ठीक किया जा सकता है.
अब तक वैज्ञानिक भी इस बात को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त नहीं हो पाए हैं कि आखिर सपने क्यों आते हैं, पर उनका मानना है कि इसका संबंध यादाश्त से है. सपने देखने से दिमाग से कई अनावश्यक चीजें निकल जाती हैं. ज्यादातर लोग सोकर उठने के बाद खुद को तरोताजा महसूस करते हैं क्योंकि उन्हें कुछ भी याद नहीं रहता. वहीं कुछ लोगों को अपने सपने याद रह जाते हैं, जिसकी वजह से वो परेशान रहते हैं. ये बहुत हद तक स्लीप साइकल पर भी निर्भर करता है.
वैज्ञानिकों का कहना है कि ज्यादातर सपने रैपिड आई मूवमेंट (REM) के दौरान आते हैं. रैपिड आई मूवमेंट में सोते हुए भी दिमाग सक्रिय अवस्था में रहता है जिसकी वजह से सपने आते हैं. सामान्य तौर पर ये मूवमेंट रात में सोते समय हर 90 मिनट पर होता है और लगभग 20 से 25 मिनट तक रहता है. वैज्ञानिकों ने इसकी कुछ खास वजहें बताई हैं.
तनाव या चिंता- रोजमर्रा के जीवन में हम कई तरह की दिक्कतों से गुजरते हैं. दोस्त, परिवार, स्कूल, ऑफिस में घटने वाली कुछ घटनाएं या फिर किसी करीबी की मौत, एक्सीडेंट या फिर यौन शोषण जैसी बड़ी घटनाओं का दिमाग पर गहरा असर पड़ता है. सोते समय भी दिमाग इनके बारे में सोचता रहता है जिसकी वजह से बुरे-बुरे सपने आते हैं.
ठीक से नींद ना आना- ठीक से नींद ना आने या इनसोम्निया जैसी बीमारियों की वजह से लोगों को देखे हुए सपने याद रह जाते हैं. विदेश यात्रा के समय सोने के समय में बदलाव या फिर सोने के घंटे में कमी की वजह से भी ज़्यादा सपने आने की समस्या होने लगती है. इसके अलावा डिप्रेशन या अन्य मानसिक बीमारी की वजह से सपने स्पष्ट रूप से याद रह जाते हैं.
मादक पदार्थों का सेवन- बहुत ज्यादा शराब पीने या ड्रग लेने का असर भी दिमाग पर पड़ता है जिसकी वजह से दिमाग शांत नहीं रहता है और तरह-तरह के ऐसे सपने आते हैं जो याद रह जाते हैं. इसके अलावा धूम्रपान या इन आदतों को छोड़ने के लिए की जाने वाली कुछ दवाओं की वजह से भी ऐसे सपने आते हैं.
प्रेग्नेंसी- प्रेग्नेंसी के शुरूआती समय में महिलाओं के शरीर में हार्मोन से लेकर सोने के समय तक मे कई तरह के बदलाव होते हैं. इसकी वजह से उन्हें कुछ समय के लिए तरह-तरह के समने आते हैं जो उन्हें याद रह जाते हैं.
क्या ये सपने सेहत के लिए खतरनाक हैं- आमतौर पर सपनों का स्पष्ट रूप से याद रह जाना चिंता की बात नहीं है लेकिन जब ये सपने नकारात्मक होते हैं तो ये हमें मानसिक तौर पर परेशान कर देते हैं. इसकी वजह से नींद की समस्या होना, क्षमता प्रभावित होना, मूड खराब होना और नकारात्मक ख्याल आने लगते हैं और जिसकी वजह से कई लोग गलत कदम भी उठा लेते हैं.
क्या है इलाज- ज्यादातर मामलों में सपने याद रहने की समस्या अपने आप ही ठीक हो जाती है लेकिन फिर भी अगर आप लंबे समय से इस समस्या से परेशान हैं तो डॉक्टर से संपर्क कर अपना इलाज कराएं. इसके अलावा अपने लाइफस्टाइल में बदलाव करने से भी काफी लाभ होगा.
स्वस्थ रहें- अच्छा भोजन करें, वजन कंट्रोल में रखें, पर्याप्त नींद लें, सही समय पर सोएं, खूब पानी पिएं, तनाव से दूर रहें और अपने दिमाग को स्वस्थ रखें. इससे आप सपनों के स्पष्ट तौर पर याद रहने की समस्या से दूर रहेंगे.
मेडिटेशन करें- मेडिटेशन करने से भी आपको इस समस्या से छुटकारा मिल सकता है. इसके लिए ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें, दिमाग को रिलैक्स रखने वाली तकनीक पर काम करें, आर्ट थेरेपी लें और एक्सरसाइज करें.