भारत में मोटापा एक बड़ी समस्या है. बढ़ते हुए वजन की वजह से तमाम तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं. लोग अपने मनपसंद कपड़े पहनने में हिचकिचाते हैं. वजन कम करने के लिए आप डाइटिंग से लेकर दवाइयों तक का सहारा लेते हैं. लाख कोशिशों के बावजूद मोटापा कम नहीं हो पाता. अगर आप भी अपना वजन कम करने के तरीकों की तलाश में हैं तो आपको कुछ ऐसे टिप्स बताते हैं जिनसे आप बिना चपाती छोड़े अपना वजन घटा सकते हैं.
वजन कम करने की दिशा में पहला कदम कैलोरी को कम करना है यानी आप जितनी कैलोरी बर्न कर सकते हैं उससे कम खाना खाएं. गेहूं की रोटियों में कैलोरी की मात्रा अधिक होती है. चूंकि बचपन से गेंहू की रोटियां आपके दैनिक आहार का हिस्सा रही हैं. इसलिए इन्हें छोड़ना इतना आसान नहीं है. गेहूं की एक चपाती में लगभग 104 कैलोरी होती है और जाहिर सी बात है कि आप एक से अधिक खाते होंगे. ऐसे में अगर आप वजन कम करने के लिए रोटी नहीं छोड़ना चाहते हैं तो आइए जानते हैं कुछ तरीके जिससे आप रोटियां खाते हुए अपना मोटापा कम कर सकते हैं.
रागी को फिंगर मिलेट कहा जाता है. भारत के कई हिस्सों में खाया जाने वाला मुख्य भोजन है. रागी की रोटी सेहतमंद होने के साथ-साथ कैल्शियम, आयरन और फाइबर से भरपूर होती है. रागी में पाया गया फाइबर पेट को भरा हुआ रखने में मदद करता है जिससे व्यक्ति को लंबे समय भूख का एहसास नहीं होता. इसमें ट्रिप्टोफैन नामक एमिनो एसिड होता है जो वजन कम करने में मदद करता है. रागी की रोटियों में नट्स की सुगंध होती है और ये खाने में हल्का होती हैं. रागी के आटे में नमक, धनिया, अजवाइन और जीरा डालकर रोटी बनाने से इसके स्वाद में चार चांद लग जाते हैं.
बाजरा को पर्ल मिलेट भी कहते हैं. ये भूरे-भूरे रंग का अनाज होता है जिसमें एक विशिष्ट प्रकार के नट्स का स्वाद होता है. इसमें मैग्नीशियम, जिंक, आयरन और कैल्शियम की भरपूर मात्रा होती है, जो इसे पौष्टिक बनाती है. बाजरे की रोटियों में फाइबर की उच्च मात्रा पाई जाती है. इसके सेवन से लंबे समय तक पेट भरा हुआ रहता है. इसमें मौजूद विटामिन वजन घटाने में मदद करते हैं. बाजरा की रोटी खाने से सूजन और ब्लॉटिंग की समस्या से निजात मिलती है.
चने से बना बेसन वजन कम करने के लिए एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है. चने में भरपूर मात्रा में न्यूट्रिशन होता है जो काफी समय तक पेट को भरा हुआ रखता है. आधा बेसन और आधा मल्टीग्रेन आटा मिलाकर हेल्दी रोटियां बना सकते हैं. बेसन में उच्च मात्रा में प्रोटीन होता है, जो भूख को कम करने में मदद करता है.
बादाम दिमाग और स्वास्थ्य दोनों के लिए पौष्टिक होते हैं. इन्हें वजन घटाने के लिए कारगर माना जाता है. केटोजेनिक डाइट को फॉलो करने वाले लोगों के लिए बादाम की रोटियां बनाकर खाना एक अच्छा विकल्प है. इंटरनेशनल जर्नल ऑफ ओबेसिटी एंड रिलेटेड मेटाबोलिक डिसऑर्डर में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, कार्ब्स से भरपूर डाइट की तुलना में 84 ग्राम बादाम सहित कम कैलोरी वाली डाइट से 62 प्रतिशत लोगों का वजन ज्यादा कम होते हुए देखा गया.
वजन कम करने की चाहत रखने वाले लोगों के लिए ओट्स एक बेस्ट ऑप्शन है. फाइबर और कार्ब्स सहित पोषक तत्वों से भरपूर, ओट्स एक्सट्रा कैलोरी को कम करने में मदद करता है. ओट्स से बनी रोटी बेहद स्वादिष्ट और पौष्टिक होती हैं. इनके स्वाद को और भी बेहतर बनाने के लिए इसमें धनिया, हरी मिर्च और और अपनी मनपसंद सब्जियां, मसाले मिला सकते हैं.