मलेरिया (Malaria) बुखार मच्छरों से होने वाला एक तरह का संक्रामक रोग है, जो फीमेल एनोफिलीज मच्छर (female anopheles mosquito) के काटने से होता है. इस मादा मच्छर में एक खास प्रकार का जीवाणु पाया जाता है, जिसे डॉक्टरी भाषा में प्लाज्मोडियम नाम से जाना जाता है. यह जीवाणु लिवर और रक्त कोशिकाओं को संक्रमित करके व्यक्ति को बीमार बना देती है. समय पर इलाज न मिलने पर यह रोग जानलेवा भी हो सकता है.
मलेरिया में बुखार (Malaria fever), पसीना आना, शरीर में दर्द और उल्टी जैसे प्रमुख लक्षण होते हैं. इस रोग से बचने के लिए घर के आस-पास गंदगी और पानी इकठ्ठा न होने दें. ऐसी कोई भी चीज जिससे मच्छर पैदा हो सकते हो उसे करने से बचें. साथ ही रोगी की डाइट का खास ख्याल रखें. मलेरिया में कुछ चीजें खाने की सख्त मनाही होती है.
मलेरिया में क्या न खांए?
1. ठंडा पानी बिल्कुल न पीएं और ना ही ठंडे पानी से नहाएं.
2. रोगी को आम, अनार, लीची, अनन्नास, संतरा या खट्टे फलों का सेवन नहीं करना चाहिए.
3. दही, शिकंजी, गाजर, मूली जैसी ठंडी चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए.
4. मिर्च-मसाले या अम्ल रस से बने खाद्य पदार्थों का सेवन न करें.
5. बाहर का तला-भुना या ज्यादा मसालेदार खाने से सख्त परहेज करें.
मलेरिया में क्या खांए?
मलेरिया के रोगी को सेब खाना चाहिए. पीपल का चूर्ण शहद में मिलाकर उसका सेवन करवाने से भी मलेरिया के बुखार में लाभ मिलता है. खिचड़ी, दलिया, साबूदाना पौष्टिक होने के साथ पचने में भी आसान होते हैं. इसका सेवन करने से फायदा मिलता है. जी मचलने पर नींबू काटकर उस पर काली मिर्च का चूर्ण या सेंधा नमक डालकर चूस सकते हैं. मलेरिया बुखार में अमरूद खाने से रोगी को लाभ मिलता है. तुलसी के पत्तों के साथ काली मिर्च को पानी में उबालने के बाद इस पानी को छानकर पीएं.
मलेरिया से बचाएंगी ये सावधानियां
मच्छरों को घर के अंदर या बाहर पनपने से रोकें. इसके लिए अपने आस-पास सफाई का ध्यान रखें. ठहरे हुए पानी में मच्छर न पनपे, इसके लिए बारिश शुरू होने से पहले ही घर के पास की नालियों की सफाई और सड़कों के गड्ढे आदि भरवा लें.