ऑफिस में काम का प्रेशर हो या घर की टेंशन, मॉर्निंग रूटीन सही हो तो आप दिनभर की चुनौतियों से निपट सकते हैं. हालांकि कुछ लोग सुबह आंख खुलते ही गलतियां करना शुरू कर देते हैं. ये गलतियां दिखने में मामूली हो सकती हैं, लेकिन लॉन्ग टर्म में इनके बड़े नुकसान हैं. अगर आप भी ऐसी गलतियां नहीं दोहराना चाहते हैं तो 10 बातों पर ध्यान देना शुरू कर दीजिए.
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स्लीपिंग पैटर्न- अगर आप सोचते हैं कि सुबह के वक्त 15 मिनट की एक्स्ट्रा नींद आपके दिन को एनर्जी से भर देगी तो बिल्कुल गलत हैं. एक्सपर्ट कहते हैं कि सही समय पर सोने और उठने की आदत आपको ज्यादा एक्टिव रखती है. आप चाहें तो अपने स्लीपिंग पैटर्न को समझने के लिए किसी वियरेबल डिवाइस का इस्तेमाल कर सकते हैं जो आपको सही समय पर सोने और जागने में मदद करेगा.
डार्क रूम- आप सुबह के वक्त किसी डार्क रूम में रहना पसंद करते हैं तो ऐसा करना बड़ी भूल हो सकती है. दिन की रोशनी न सिर्फ आपकी बेहतर नींद के लिए जरूरी है, बल्कि ये बॉडी में इन्फेक्शन और इन्फ्लेमेशन से लड़ने में भी कारगर है. साथ ही साथ इससे शरीर को नैचुरल विटामिन-डी भी मिलता है.
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रेगुलर बेडटाइम शेड्यूल- अक्सर लोगों को देर से सोने की आदत होती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि पर्याप्त नींद लेने का सबसे अच्छा तरीका 'रेगुलर बेडटाइम शेड्यूल' निर्धारित करना है. इसका मतलब है कि आप रोजाना निश्चित समय पर ही उठें, फिर चाहे आप रात को देरी से ही क्यों न सोए हों. इसमें आपका वीकेंड भी शामिल है.
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लो ब्लड प्रेशर- जब नींद पूरी करने के बाद आप अचानक बिस्तर से खड़े होते हैं तो रक्त प्रवाह पैरों की तरफ होने लगता है. ऐसे में आपका ब्लड प्रेशर अचानक से नीचे गिर सकता है, जिससे आप थोड़ा अजीब महसूस कर सकते हैं. इसलिए नींद से जागने के बाद तुरंत खड़ा होने की बजाए कुछ देर बैठें. अपनी बॉडी को एक्टिव होने के लिए थोड़ा समय दें.
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रेगुलर वर्कआउट- रेगुलर वर्कआउट से हमारा स्लीपिंग पैटर्न, दिल की सेहत और दिमाग सब दुरुस्त रहता है. ये आपके दिनभर के खान-पान को मेंटेन रखता है और वजन भी कंट्रोल करता है. आप पूरे दिन ताजगी महसूस करते हैं. जबकि एक्सरसाइज न करने से मोटापा, डायबिटीज, हाइपरटेंशन जैसे रोगों की संभावना बढ़ जाती है.
कॉफी- अगर आप आमतौर पर सुबह के वक्त कॉफी पीना पसंद करते हैं तो इसे अचानक छोड़ना आपकी मुश्किलें बढ़ा सकता है. इससे न सिर्फ आपकी एकाग्रता भंग होगी, बल्कि सिरदर्द, जी मिचलाना या फ्लू जैसी दिक्कतें भी बढ़ेंगी. अगर आप कैफीन से परहेज ही करना चाहते हैं तो इसे धीरे-धीरे छोड़ने की कोशिश कीजिए.
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कॉफी/चाय के बाद ब्रश- चाय या कॉफी में एसिड होता है, इसलिए किसी भी एसिडिक फूड या ड्रिंक के तुरंत बाद ब्रश करने से बचना चाहिए. दरअसल एसिड आपके दांतों की परत को कमजोर करता है. इसके तुरंत बाद ब्रश करने से ये दिक्कत और ज्यादा बढ़ती है. इसलिए कुछ भी एसिडिक खाने-पीने से पहले या 30 से 60 मिनट बाद ब्रश करें.
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स्मार्ट डिवाइस- अगर आप स्मार्ट डिवाइस पर लगातार ई-मेल और सोशल मीडिया का अपडेट देखते हैं तो ऐसा करना स्ट्रेस-एन्जाइटी का खतरा बढ़ा सकता है. उदाहरण के लिए अगर आप अपने दिन की शुरुआत मेल देखने से शुरू करते हैं तो इससे आपके काम का बोझ बढ़ता है. इसलिए डिजिटल मीडिया या मेल से अपने दिन की शुरुआत कभी न करें.
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मेडीटेशन- अगर आपका पूरा दिन काम के प्रेशर और शोरगुल के बीच गुजरता है तो सुबह के वक्त मेडिटेशन से अपने दिमाग को शांत रखने का प्रयास करें. आप बस अपनी सांस पर ध्यान केंद्रित कीजिए और दिमाग में आने वाले विचारों को जाने दीजिए. ये अभ्यास स्ट्रेस हार्मोन कॉर्टिसोल के स्तर को कम कर सकता है. साथ ही एन्जाइटी, हाई ब्लड प्रेशर, इंसोमेनिया और माइग्रेन के दर्द से भी राहत मिलेगी.
ज्यादा मीठा- सफेद आटे से बने डोनट्स या शुगर पेस्ट्री में बहुत कम मात्रा में न्यूट्रिशन होता है और ये बहुत तेजी से एब्जॉर्ब होते हैं. इससे चिड़चिड़ापन, थकावट और भूख बढ़ती है. अंडे में मौजूद प्रोटीन, ओटमील या साबुत अनाज में पाए जाने वाला फाइबर और न्यूट्रिशन, फल, सब्जियां लंबे समय तक आपकी भूख को शांत रखते हैं. इससे आपकी सेहत ठीक रहती है.
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