एचआईवी संक्रमित (World Aids Day 2020) रोगियों की कोई निर्धारित जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy) नहीं होती है. एक्सपर्ट कहते हैं कि संक्रमित व्यक्ति अगर हेल्दी लाइफस्टाइल और डाइट फॉलो करे तो सामान्य जीवन जी सकता है. इस बीमारी के लिए कोई खास डाइट प्लान तो नहीं है, लेकिन ओवरऑल हेल्दी डाइट वायरस के खिलाफ आपकी इम्यूनिटी को मजबूत कर सकती है. इससे शरीर का एनर्जी लेवल बढ़ेगा, शारीरिक दिक्कतें कम होंगी और इंफेक्शन से शरीर को कम नुकसान होगा.
फल और सब्जियां- फल और सब्जियों में पाया जाने वाला न्यूट्रिशन जिसे एंटी-ऑक्सीडेंट कहते हैं, इम्यूनिटी को दुरुस्त करता है. ऐसी कंडीशन में हेल्दी डाइट के लिए रोजाना 5 से 9 सर्विंग का लक्ष्य बना लें. अलग-अलग तरह की फल-सब्जियां खाएं, जिससे शरीर को अलग तरह के विटामिन और मिनरल मिल सकें.
लीन प्रोटीन- मजबूत मांसपेशियों और अच्छे इम्यून सिस्टम के लिए शरीर को लीन प्रोटीन की भी जरूरत होती है. इसके लिए अपनी डाइट में फ्रेश चिकन, मछली, अंडे, फलीदार सब्जियां और बादाम को शामिल करें.
साबुत अनाज- कार्ब्स से आपकी बॉडी को एनर्जी मिलती है. इसके लिए आपको ब्राउन राइस या गेहूं की रोटी खानी चाहिए. साबुत अनाज में विटामिन-बी के अलावा फाइबर भी होता है, जो शरीर में फैट बढ़ने की समस्या (लिपोडिस्ट्रॉफी) को रोकता है. एचआईवी में इसके बड़े साइड इफेक्ट हो सकते हैं.
शुगर और नमक- एचआईवी में दिल से जुड़ीं बीमारियों का खतरा भी काफी बढ़ जाता है. बहुत ज्यादा शुगर या नमक से आपकी सेहत को नुकसान हो सकता है. आपको अपनी डेली डाइट में शुगर की मात्रा का ध्यान रखना चाहिए. इसके अलावा, आपको रोजाना 2300 मिलीग्राम से ज्यादा नमक भी नहीं खाना चाहिए.
हेल्दी फैट- फैट से शरीर को ऊर्जा मिलती है, लेकिन इसमें बहुत ज्यादा कैलोरी होती है. डाइट में सिर्फ हेल्दी फैट को शामिल करें. बादाम, वेजिटेबल ऑयल और एवोकाडो में मौजूद हेल्दी फैट आपके लिए बिल्कुल सही रहेगा.
कैलोरी का पर्याप्त अमाउंट- अगर आपका वजन असामान्य रूप से घट रहा है तो डॉक्टर आपको न्यूट्रिशनल सप्लीमेंट की सलाह दे सकते हैं. लेकिन कई बार वजन बढ़ने से दिल की बीमारियों, डायबिटीज और कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है. इसलिए सिर्फ हेल्दी खाएं और पर्याप्त अमाउंट में ही कैलोरी लें.
खूब पानी पिएं- बीमारी होने पर अक्सर लोगों को प्यास नहीं लगती है. लेकिन एचआईवी जैसी घातक बीमारी में शरीर को रोजाना 8-10 कप पानी या किसी दूसरे लिक्विड की जरूर होती है. ये पानी शरीर से पोषक तत्वों को अपना काम करने और दवाओं को फ्लश करने का काम करता है. साथ ही बॉडी को डीहाइड्रेट होने से बचाता है और एनर्जी लेवल भी बढ़ाता है.