कम ही लोग होते हैं जिन्हें करेले का स्वाद पसंद आता है लेकिन कड़वा करेला गुणों की खान है. वजन घटाने, डायबिटीज, स्टोन और कई बड़ी बीमारियों के लिए ये अचूक दवा है.
करेले को कई तरीकों से डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है. कुछ लोगों को ये सब्जी के रूप में पसंद आती है, कुछ को इसका भरवां पसंद है और कुछ इसे उबालकर खाना पसंद करते हैं.
कई लोग ऐसे भी हैं जो इसका जूस पीना भी पसंद करते हैं. शरीर के कई प्रमुख अंगों से जुड़ी बीमारियों के लिए ये संजीवनी बूटी का काम करता है.
1. लीवर से जुड़ी बीमारियों में
लीवर को हेल्दी रखने के लिए करेला एक अच्छा उपाय है. ये लीवर को साफ रखने में मदद करता है और कोशिकाओं का निर्माण भी करता है. इसके नियमित इस्तेमाल से लीवर संबंधी बीमारियां कम होती हैं और लीवर लंबे समय तक क्रियाशील बना रहता है.
2. डयबिटीज
डायबिटीज के मरीजों को तो खासतौर पर करेला खाना चाहिए. टाइप-2 डायबिटीज में ये बहुत फायदेमंद होता है. ये ब्लड में शुगर लेवल सही बनाए रखता है.
3. वजन कम करने में
पाचन क्रिया को सुचारू बनाए रखने के लिए भी ये एक कारगर उपाय है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स मेटाबॉलिक स्तर को सही रखता है. इसमें बेहद कम मात्रा में कैलोरी मौजूद होती है. वजन कम करने वालों के लिए ये एक प्रमुख डाइट हो सकती है.
4. किडनी में पथरी हो तो
पथरी के मरीजों के लिए करेला बहुत फायदेमंद होता है. दरअसल इसमें कुछ ऐसे तत्व होते हैं जिससे स्टोन टूटकर यूरीन के माध्यम से बाहर निकल जाता है.
5. कील-मुहांसों के इलाज में
करेले में ऐसे तत्व होते हैं जो त्वचा से जहरीले पदार्थों को दूर करने का काम करते हैं. इसके सेवन से कील-मुहांसे खत्म हो जाते हैं और त्वचा साफ नजर आने लगती है.
6. कैंसर से बचाव में भी है कारगर
हालांकि ये अभी तक साबित नहीं हो सका है लेकिन कई रिसर्च में कहा गया है कि करेला कैंसर से लड़ने में मददगार है. इसके सेवन से रोग-प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा होता है.
7. आंखों की रौशनी बनाए रखने में
उम्र के साथ आंखों की रौशनी कम होने लगती है. मोतियाबिंद जैसी बीमारियां उम्र के साथ ही शुरू हो जाती हैं. पर नियमित रूप से करेले के सेवन से आंखों की रौशनी लंबे समय तक बनी रहती है.