पिछले कुछ सालों में ग्रीन टी पसंद करने वालों की संख्या अचानक बढ़ गई है. कई लोगों का यह दावा है कि इसके सेवन से कैंसर का खतरा कम हो जाता है. कुछ का कहना है कि ये हाइपर टेंशन में फायदेमंद रहती है और कुछ का कहना है कि इसे नियमित पीने से मधुमेह की समस्या में फायदा होता है. अगर इन सारे दावों को एक किनारे रख दिया जाए तो एक बड़ा सवाल यह भी है कि क्या ग्रीन टी वजन कम करने में वाकई फायेदमंद है?
इस बात में तो कोई दो राय नहीं है कि ग्रीन टी पीना, कॉफी पीने की तुलना में कहीं अधिक फायदेमंद है. इसका सबसे बड़ा कारण ये है कि इसमें पर्याप्त मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट होते हैं.
ग्रीन टीन से मिलने वाले तत्व-
ग्रीन टी में विटामिन ए, बी, बी5, डी, ई, सी, के और एच पाया जाता है. इसके अलावा इसमें सेलेनियम, क्रोमियम, जिंक, कैफीन और मैगनीज भी पर्याप्त मात्रा में होते हैं. इसमें ईजीसीजी नाम का एक तत्व भी पाया जाता है.
हमारा शरीर प्राकृतिक रूप से तापमान वृद्धि करता है. यह ताप मेटाबॉलिज्म की प्रक्रिया का ही एक हिस्सा होता है. ऐसे में जब आप एक कप ग्रीन टी पीते हैं तो शरीर का तापमान कुछ बढ़ जाता है.
तापमान के बढ़ने का सीधा मतलब है कि कैलोरी और अधिक बर्न होगी और ज्यादा कैलोरी बर्न होने का मतलब है वजन कम होना. ग्रीन टी मेटाबॉलिज्म की प्रक्रिया को और अधिक सक्रिय कर देता है. ग्रीन टी में मौजूद ईजीसीजी नाम का तत्व ही इस प्रक्रिया के लिए जिम्मेदार होता है.
कैफीन की मात्रा
ऐसा नहीं है कि ग्रीन टी में कैफीन की मात्रा नहीं होती. ग्रीन टी के एक कप में करीब 30 एमजी कैफीन होता है. इसके इस्तेमाल से सक्रियता बढ़ जाती है और इसका सीधा असर काम पर नजर आता है. ऐसे में यह बात साबित हो जाती है कि ग्रीन टी के इस्तेमाल से वजन कम होता है लेकिन वजन कम करने के लिए सिर्फ और सिर्फ ग्रीन टी का इस्तेमाल करना या सिर्फ इसके भरोसे बैठ जाना सही नहीं.
वजन घटाने के लिए ग्रीन टी पीने के साथ ही वर्कआउट करना भी जरूरी है.