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मल्टीटास्किंग से घट रही है दिमाग की क्षमता और काम की क्वालिटी

आधुनिक युग में इंसान का दिमाग पहले से ज्यादा व्यस्त हो गया है. हम ईमेल, फेसबुक, मैसेजिंग जैसे कई काम एक साथ करने की कोशिश करते हैं. मल्टी टास्किंग हमारे दिमाग की शक्ति पर असर डाल रही है. मल्टीटास्किंग की लत इंसान के काम की दक्षता को कम कर रही है.

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आधुनिक युग में इंसान का दिमाग पहले से ज्यादा व्यस्त हो गया है. हम ईमेल, फेसबुक, मैसेजिंग जैसे कई काम एक साथ करने की कोशिश करते हैं. मल्टी टास्किंग हमारे दिमाग की शक्ति पर असर डाल रही है. मल्टीटास्किंग की लत इंसान के काम की दक्षता को कम कर रही है.

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न्यूरोसाइंटिस्ट डैनियल Levitin नामचीन विशेषज्ञ है, जिन्होंने स्टडी के बाद पाया है कि ज्यादातर लोगों में भूलने की आदत और कार्यकुशलता में कमी मल्टीटास्किंग के कारण ही होती है.
पुराने जमाने की तुलना में आज लोग लगातार मल्टीटास्किंग पर ध्यान दे रहे हैं. लोग सोचते हैं कि वे एक साथ कई काम कर रहे हैं. घर के सामान की लिस्ट से लेकर ईमेल करना, दोस्तों से बातें करना, रास्ते में आते-जाते लगातार मोबाइल यूज करना. लेकिन क्या कभी हमने सोचा है कि इससे मस्तिष्क प्रभावित हो रहा है, जिससे कुशलता में कमी आ रही है.

डैनियल Levitin के अनुसार, अगर किसी के inbox में एक मैसेज व्यस्तता की वजह से बिना पढ़ा रह गया हो, तो यही सोचकर वह अपनी 9 पॉइंट IQ खो देता है. दूसरी ओर, पुराने जमाने में वायरलेस फोन नहीं होते थे, तो किसी मीटिंग या काम के दौरान यह पता ही नहीं होता था कि कब फोन की घंटी बजकर बंद हो गई. लेकिन आज ऐसा नहीं है.

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मल्टीटास्किंग बिल्कुल एक जादूगर की गेंद की तरह होती है. एक हाथ में और एक हवा में होती है. पता नहीं कि कब नीचे गिर जाए. उसी तरह मल्टीटास्किंग करने से दिमाग थक जाता है. किसी काम को करने में जितनी ऊर्जा की जरूरत होती है, मल्टीटास्किंग से ग्लूकोज की मात्रा जल्दी कम हो जाती है और पता भी नहीं लगता शक्ति और कुशलता कम हो गई.

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