आजकल अपनी डाइट और दिनचर्या का पूरा ध्यान रखने के बावजूद कई लोगों को स्वास्थ्य से जुड़ीं समस्याएं हो रही हैं. इसकी एक वजह ये भी है कि खाने की अधिकतर चीजों में अब केमिकल्स की मात्रा बढ़ती जा रही है. यही वजह है कि ऑर्गैनिक फूड की अहमियत समझना हमारे लिए और जरूरी हो गया है.
ऑर्गैनिक फूड क्या है ?
खाने की जो भी चीजें बिना किसी केमिकल, पेस्टिसाइड्स और फर्टिलाइजर के इस्तेमाल किए बगैर उगाई जाती हैं, उन्हें हम ऑर्गैनिक फूड कहते हैं. जैसे जंगल में पेड़-पौधों को उगने के लिए किसी केमिकल की जरूरत नहीं होती है, वैसे ही हमारे फलों-सब्जियों को भी प्राकृतिक रूप से ही उगाया जाना चाहिए. लेकिन फसलों को जानवरों और कीटाणुओं से बचाने के लिए इन पर जहर का छिड़काव किया जाता है.
इन केमिकल के छिड़काव की वजह से कई तरह की हार्मोनल बीमारियां होती हैं जैसे कि डायबिटीज, थॉयराइड और पीसीओडी. यहां तक कि इससे कैंसर का भी खतरा हो सकता है. केमिकल्स के छिड़काव से फल और सब्जियों की असल गुणवत्ता खत्म हो जाती है.
ऑर्गैनिक खाने में पारंपरिक फूड के मुकाबले 10 से 50 फीसदी तक अधिक पौष्टिक तत्व होते हैं. ऑर्गैनिक फूड पौष्टिक होने के साथ-साथ स्वादिष्ट भी होता है. ऑर्गैनिक फूड महंगा जरूर होता है लेकिन अगर आप ऑर्गैनिक फूड खाते हैं तो केमिकल वाले खाने से होने वाली बीमारियों के इलाज में खर्च होने वाला पैसा भी बचेगा. न्यूट्रिशन कंसल्टेंट शालू निझावन से जानते हैं कि ऑर्गैनिक फूड के क्या-क्या फायदे होते हैं और कैसे पहचानें ऑर्गैनिक फूड-