हमारे देश की मुख्यधारा की संस्कृति से बहुपत्नी प्रथा का अरसे पहले लोप हो गया. यानी एक पुरुष के लिए कई स्त्रियों के साथ संसर्ग का सामाजिक रूप से निषेध हो गया. उस लिहाज से यह खबर खतरनाक और उकसाऊ कही जा सकती है. मगर मसला सेहत और रिसर्च का है, इसलिए इस तरह की बंदिशें लगाना ठीक नहीं.
खबर यह है कि नई रिसर्च के मुताबिक अगर एक आदमी कई महिलाओं के साथ शारीरिक संबंध रखता है, तो उसके प्रोस्टेट कैंसर से ग्रसित होने की आशंका खासी कम हो जाती है. कितनी कम हो जाती है. सामान्य के मुकाबले तीन गुना कम.
रिसर्च में पता चला कि जो पुरुष 20 या उससे ज्यादा महिलाओं के साथ शारीरिक संबंध बना चुके हैं. उनमें प्रोस्टेट कैंसर का खतरा 28 फीसदी घट गया है. सेहत का यह बोनस यहीं नहीं रुकता. कई संबंध बनाने वाले पुरुषों में सबसे खतरनाक किस्म के ट्यूमर होने का खतरा भी 19 फीसदी कम होता है.
रिसर्च कहती है कि अगर आप ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं, तो इन बीमारियों से ग्रस्त होने की आशंका सामान्य से भी ज्यादा हो जाती है. पहले भी एक रिसर्च में यह सामने आया था कि अगर आप संभोग के मामले में सक्रिय रहते हैं, तो कैंसर पैदा करने वाले रसायन वीर्य के साथ बाहर निकल जाते हैं. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि प्रोस्टेट वीर्य के साथ कई और किस्म के द्रव्य भी शरीर से बाहर निकाल देती है.
हालांकि गौर करना होगा कि यह स्टडी शारीरिक संबंधों में सक्रिय होने की बात करती है. लेकिन नवीनतम रिसर्च यौन सक्रियता या हस्तमैथुन के बजाय साथियों की संख्या की अधिकता की बात करती है.
और चूंकि इस तरह की रिसर्च और फिर उससे उपजे स्वतः स्फूर्त निष्कर्षों का समाज पर खतरनाक असर हो सकता है. ऐसे में प्रोफेसर साहिब से यह सवाल पूछा जाना लाजिमी था. और सवाल पर प्रोफेसर मैरी एलिसे पैरंट का जवाब था, अभी ऐसे किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगा.
उनके मुताबिक यह मुमकिन है कि कई महिलाओं के साथ यौन संबंध बनाने से पुरुष तुलनात्मक रूप से ज्यादा उत्तेजित और सक्रिय रहते हों. नतीजतन, उनका वीर्य स्राव ज्यादा होता हो. और ऐसे में प्रोस्टेट कैंसर के लिए जिम्मेदार हानिकारक रसायनों की निकासी भी ज्यादा होती है.
इस संबंध में एक और रिसर्च गौरतलब है. इसके मुताबिक अगर आप सेक्स संबंधों के मामले में उदासीन नहीं रहते हैं, तो आपके प्रोस्टेट के इर्द गिर्द कैल्शियम की हानिकारक भित्ति बनने की आशंका कम रहती है.
प्रोस्टेट ग्रंथि ब्लैडर और लिंग के बीच में और गुदा मार्ग की शुरुआत के ठीक सामने स्थित होती है.