WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) की चीफ साइंटिस्ट सौम्या विश्वनाथन को लगता है कि कोरोना वायरस (Corona virus) अभी रहेगा. दक्षिणी भारत वाणिज्य और उद्योग मंडल द्वारा आयोजित एक परिचर्चा में स्वामीनाथन ने कहा, 'हमें अनुशासित व्यवहार के लिए दो साल तक खुद को मानसिक रूप से प्रबल कर लेना चाहिए, जब तक कोविड-19 (Covid-19) की पर्याप्त वैक्सीन (Vaccine) नहीं मिल जाती.'
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उन्होंने कहा, 'अगले साल के मध्य तक कोरोना वैक्सीन (Corona vaccine) तैयार हो सकती है, लेकिन शुरुआत में इसकी लिमिटेड सप्लाई ही होगी. यह बुजुर्गों के बाद केवल हाई रिस्क वाले मरीजों और फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए ही उपलब्ध होगी. हमें पूरी आबादी को वैक्सीनेट करने के लिए कम से कम दो साल का वक्त चाहिए.'
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वायरस फैलाने की क्षमता रखने वाले समूहों और बड़ी सभाओं की पहचान करने के महत्व पर जोर देते हुए सौम्यानाथन ने कहा, 'कोरोना को कंट्रोल करने वाले देशों के बाद हमें उन देशों में जाना होगा जहां वायरस फिलहाल मौजूद है. तभी कम्यूनिटी ट्रांसमिशन से पहले इसे आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है.'
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स्वामीनाथन ने कहा कि कोरोना से मुक्ति के लिए हमें तीन बातों का विशेष ध्यान रखना होगा. पहला, अनवेंटिलेटेड स्पेस को बंद रखें (close unventilated space). दूसरा, भीड़ वाली जगहों (crowded places) पर जाने से बचें और तीसरा शारीरिक दूरी (close physical contacts) बनाएं रखें. जैसा कि जापान ने करके दिखाया है.
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उन्हें लगता है कि कम्यूनिटी ट्रांसमिशन (Corona community transmission) के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें इंफेक्शन फैलाने से पहले अलग रखा जाना चाहिए. हमें यही सब करते रहने की जरूरत है. ये जिम्मेदारी सरकार और नागरिकों पर है कि वे अपने लिए कैसा भविष्य चाहते हैं.
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वैश्विक स्तर पर वायरस बड़ी तेजी से फैल रहा है. इस वक्त वायरस फैलने की गति बीते कुछ महीनों से काफी ज्यादा है. पूरी दुनिया में लगभग तीन लाख केस रोजाना दर्ज किए जा रहे हैं. डेथ टोल 11 लाख के पार पहुंच चुका है और रोज लगभग 6,000 लोगों की मौत हो रही है. उन्होंने कहा कि दुनिया की 10 फीसद आबादी इस वक्त कोरोना संक्रमित हो सकती है.
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