इसमें कोई संदेह नहीं कि फल और हरी सब्जियां हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती हैं. बीमारियों से बचाव और लंबी उम्र देने में मददगार ऐसी कुछ चीजों को सुपरफूड भी कहा जाता है. हाल ही में शोधकर्ताओं ने ऐसे साक्ष्यों का खुलासा किया है जो बताते हैं कि ब्लूबैरी एजिंग से जुड़ी समस्या को दूर कर उम्र लंबी करती है.
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एजिंग के दो अलग-अलग मॉडल्स में देखा गया है कि ब्लूबैरी इंसान की उम्र बढ़ाने में मददगार हो सकती है. ब्लूबैरी में विशिष्ट फ्लेवोनॉइड अणु होते हैं जो डीएनए डैमेज से मुकाबला करते हैं और ब्रेन सेल्स में होने वाली क्षति को धीमा करते हैं. कई स्टडीज में ऐसा भी दावा किया जा चुका है कि ब्लूबैरी दिमाग के मेमोरी वाले हिस्से को ऑक्सीडेंट और इन्फ्लेमेटरी डैमेज से बचाती है.
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एक स्टडी के मुताबिक, ब्लूबैरी के रस में मौजूद तत्व के संपर्क में आने वाली मक्खियों का जीवनकाल भी सामान्य से 10 प्रतिशत ज्यादा होते देखा गया है. इस दौरान न सिर्फ उनकी आयु में इजाफा हुआ, बल्कि फिजिकल एक्टिविटी का लेवल भी इम्प्रूव होते देखा गया. ब्लूबैरी के सप्लीमेंटेशन के बाद शोधकर्ताओं ने पाया कि इस जीव का औसतन जीवन काल 28 प्रतिशत तक बढ़ गया और अधिकतम जीवन काल में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई.
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सप्लीमेंटेशन जीवों में इनके फंक्शन को नुकसान पहुंचाने वाले एज रिलेटिड प्रोटीन में 20 प्रतिशत की कमी देखी गई और ऑक्सीडेंट स्ट्रेस के प्रति सहनशीलता पहले से बेहतर हुई. लाइफस्पैन नाम की एक वेबसाइट के मुताबिक, ब्लूबैरी शरीर में डीजेनेरेटिव डिसीज का खतरा कम करती है, जिसे इंसान की आयु घटाने के लिए जिम्मेदार समझा जाता है.
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एक्सपर्ट का कहना है कि ब्लैबैरी में मौजूद तत्व वजन घटाने में बड़े फायदेमंद होते हैं. पेट और लिवर के आस-पास फैट घटने से मोटापे का खतरा कम होता है. शरीर के इन हिस्सों में जमा फैट कार्डियोवस्कूलर डिसीज का खतरा भी बढ़ाता है.
ब्लूबैरी की एक और खास बात ये है कि ये शरीर में जाने वाली अनावश्यक शुगर को मसल सेल्स में कन्वर्ट कर देती है, जिसका इस्तेमाल एनेर्जी के रूप में होने लगता है. इससे शरीर में एक्सट्रा शुगर भी फैट के रूप में स्टोर नहीं होती है.
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ब्लूबैरी पॉलीफेनल्स से भरपूर होती है, एक ऐसे यौगिक का समूह जिसमें एंथोसायनिन शामिल होता है. इसी पोषक तत्व की वजह से ब्लूबैरी को अपना रंग मिलता है. एंथोसायनिन को दिमाग के लिए एक पारवफुल दवा समझा जाता है. ये न्यूरॉन के कम्यूनिकेशन और एनेर्जी के लिए ग्लूकोज के इस्तेमाल को रेगुलेट करने में दिमाग की मदद करता है.
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