अक्सर लोगों को सुबह नींद से जागने के बाद बिस्तर से उठते ही चक्कर आने लगता है और वे फिर एकदम से सिर पकड़कर बैठ जाते हैं. यदि आपके साथ भी ऐसा होता है तो इस हल्के सिरदर्द या चक्कर आने को नजरअंदाज न करें. मेडिकल भाषा में इसे पोस्टुरल हाइपोटेंशन (PHoT) कहा जाता है. शरीर में यह दिक्कत ब्लड प्रेशर में असामान्य गिरावट की वजह से होती है.
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डॉक्टर्स कहते हैं कि यह लक्षण बेहद गंभीर है और इसे इग्नोर करना भारी पड़ सकता है. शरीर में ऐसी दिक्कत हार्ट डिसीज (दिल की बीमारियां), डिप्रेशन, डेमेंशिया और यहां तक कि मौत के जोखिम को भी बढ़ा सकती है.
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पोस्टुरल हाइपोटेंशन उम्र के साथ बढ़ता है और 60 साल से ज्यादा उम्र के पांच में से एक व्यक्ति इसका शिकार हो सकता है. 65 से 69 साल की उम्र के करीब 15 फीसद लोग इस बीमारी का शिकार हो सकते हैं. जबकि 85 साल से ज्यादा उम्र के 25 फीसद लोगों में पोस्टुरल हाइपोटेंशन हो सकता है.
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एक्सपर्ट्स कहते हैं कि क्लासिक पोस्टुरल हाइपोटेंशन बिस्तर से उठने के बाद तीन मिनट तक किसी इंसान को घेरे रख सकता है. जबकि डीलेड पोस्टुरल हाइपोटेंशन में इंसान को तीन मिनट से ज्यादा देर के लिए दिक्कत हो सकती है. खास बात ये है कि इसमें मरीज का खान-पान भी बीमारी को ट्रिगर कर सकता है.
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ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक रिपोर्ट में हेल्थ एक्सपर्ट अर्तजा गिलानी और उनके सहगियों ने बताया कि PHoT पार्किंसन, डायबिटीज, विटामिन B12 कमी, रेनल फेलियर, ऑटोइम्यून डिसॉर्डर और कैंसर जैसी भयंकर बीमारियों की निशानी है.
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एक्सपर्ट्स ने दावा किया कि PHoT दिल से जुड़ी बीमारियों सहित हाई ब्लड प्रेशर और एरिथमिया का एक समूह होती है. इसके अलावा, हाई ब्लड शुगर एजिंग की फिजिकल डी कंडीशनिंग को भी बढ़ावा दे सकता है.
एक्सपर्ट्स ने बताया कि एंटीहाइपरटेंसिव, नाइरेट्स, ड्यूरेटिक्स, ट्राइसाइक्लिक, एंटीडिप्रेसेंट्स, एंटी साइकोटिक्स और बीटा ब्लॉगर जैसे तमाम तरह के ड्रग्स भी इसका कारण बन सकते हैं. इसके अलावा नशीले पदार्थों में इस्तेमाल होने वाला एल्कोहल भी इस दिक्कत को बढ़ा सकता है.
PHoT में अक्सर इंसान गिर भी सकता है जिसमें उसकी हड्डियां भी टूट सकती हैं. इसलिए इसके लक्षणों को कम करने के साथ-साथ चोट लगने के खतरों से भी सावधान रहने की जरूरत होती है.
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PHoT के गंभीर लक्षणों से बचने के लिए कुछ चीजों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है. इसमें एल्कोहल एवॉइड करने से लेकर, गर्म तापमान वाली जगहों पर रहने, गर्म पानी से नहाने और बेड पर सिर ऊंचा करके लेटने जैसी बातें शामिल हैं. इसके अलावा बिस्तर पर एकदम से उठने-बैठने की बजाए 10 तक काउंट करते हुए धीरे-धीरे उठना-बैठना चाहिए.