यूरोप और उत्तरी अमेरिका को कोविड-19 (Covid-19) से निपटने की कला एशियाई देशों से सीखनी चाहिए. WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) के माइक रियान ने मंगलवार को अपने एक बयान में ऐसा कहा है. WHO के हेल्थ इमरजेंसी प्रोग्राम के प्रमुख रियान ने कहा, 'वायरस के संपर्क में आने के बाद संक्रमित व्यक्ति को क्वारनटीन होने की जरूरत है.'
Photo: Reuters
WHO की रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोपियन देशों जिसमें रूस भी शामिल है, पिछले सप्ताह कोविड-19 से 8,500 मौतें हुई हैं. यहां आधे देशों ने कोरोना के मामलों में 50 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की है. वहीं, पिछले कुछ महीनों में ऑस्ट्रेलिया, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया टेस्टिंग, आइसोलेटिंग और क्वारनटीन पर बेहतर काम करते हुए संक्रमण का खतरा कम किया है.
Photo: Reuters
रियान ने कहा, 'इन देशों के नागरिकों ने अपनी सरकार पर पूरा भरोसा दिखाया है. इन देशों ने यूरोपियन देशों की तुलना में ज्यादा दिन तक संक्रमण पर काबू करने की योजनाओं को लागू किया था.' इन देशों में लॉकडाउन के बाद भी लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और सैनिटाइजर के बारे में लोगों को जागरुक किया जा रहा है.
Photo: Reuters
माइक रियान ने एक उदाहरण देते हुए कहा, 'कोरोना (Corona virus) से तबाही के बाद इन देशों में लोगों ने सुरक्षा और बचाव की रेस में दौड़ना जारी रखा है, क्योंकि इन्हें पता है कि ये रेस अभी खत्म नहीं हुई है. फिनिश लाइन को पार करने के बाद यानी वायरस को नियंत्रित करने के बाद उन्होंने अपनी रोजमर्रा की गतिविधियों में भी कटौती की है.'
Photo: Reuters
उन्होंने कहा कि एशिया, दक्षिण एशिया और पश्चिमी प्रशांत के जो देश मेरे दिमाग में हैं, उन्होंने वास्तव में प्रमुख नियमों का पालन करना जारी रखा है. इस दौरान WHO प्रमुख टेड्रस अधनोम ने ऑथोरिटीज से आग्रह किया वे कोरोना वायरस के खिलाफ अपनी जंग जारी रखें.
Photo: Reuters
उन्होंने कहा, 'पूरी दुनिया में 4 करोड़ से भी ज्यादा लोग इस भयंकर महामारी की चपेट में आ चुके हैं और 11 लाख से भी ज्यादा मौतें हो चुकी हैं.' मुझे पता है कि हम काफी थक चुके हैं, लेकिन हम जैसे ही अपना सुरक्षा कवच कमजोर करते हैं, वायरस की गति फिर तेज हो जाती है. स्वास्थ्य प्रणालियों और अस्पतालों के लिए यह डरांवना है.
Photo: Reuters