पुरुषों की सेक्स ड्राइव में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की अहम भूमिका होती है. स्टडीज के मुताबिक, पिछले कुछ सालों में उम्र के साथ-साथ इस हार्मोन में ज्यादा गिरावट देखी जा रही है. अमेरिकी वैज्ञानिकों के मुताबिक, 1987 में 60 साल के पुरुष की तुलना में 2004 में इस उम्र के पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर 17 फीसदी तक कम पाया गया. यूरोपियन देशों में टेस्टोस्टेरोन स्तर की ये गिरावट और ज्यादा देखी जा रही है.
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
टेस्टोस्टेरोन कम होने का असर पुरुषों में साफतौर पर देखा जा सकता है, खासतौर से सेक्स लाइफ पर इसका असर ज्यादा होता है. इस समस्या से निजात पाने के लिए UK के कई पुरुष एक खास टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (TRT) का सहारा ले रहे हैं. इसके रिजल्ट को देखते हुए पुरुषों में इसकी मांग बढ़ती जा रही है. लंदन में रहने वाले डेनियल केली ने 'द सन' को बताया कि वो ये थेरेपी 28 साल की उम्र से ले रहे हैं.
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डेनियल ने कहा, 'टेस्टोस्टेरोन कम होने का मुझ पर बहुत ज्यादा नेगेटिव असर हो रहा था. मुझमें सेक्स करने की इच्छा खत्म हो चुकी थी. ऐसा लगता था कि मेरे शरीर में बिल्कुल भी एनर्जी नहीं बची है. इतना ही नहीं मुझे तनाव और डिप्रेशन भी होने लगा था. मेरी फिटनेस में भी दिक्कत होने लगी थी. मैं हफ्ते में 3-4 बार जिम जाता था लेकिन मुझे अपनी बॉडी पर इसको कोई रिजल्ट नहीं दिखता था.'
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डेनियल ने कहा, 'उस समय मुझे इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि इन सब चीजों का टेस्टोस्टेरोन हार्मोन से कुछ लेना-देना है. मैं जिंदगी के सबसे खराब दौर से गुजर रहा था. इसके पीछे की वजह मुझे एक साल बाद पता चली जब मैंने एक ब्लड टेस्ट कराया. इस ब्लड टेस्ट से मुझे पता चला कि मेरा टेस्टोस्टेरोन स्तर एक 80 साल के बुजुर्ग के बराबर है. ये जानकर मैं हैरान रह गया.'
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डेनियल ने इसके बाद डॉक्टर से संपर्क किया और उन्होंने टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ाने के लिए डेनियल को रिप्लेसमेंट थेरेपी देना शुरू किया. इस थेरेपी में डेनियल को हर महीने इंजेक्शन दिए जाते थे. डेनियल ने बताया, 'कुछ ही महीनों में मुझ पर इसका अच्छा असर दिखने लगा. मुझमें पहले से ज्यादा कॉन्फिडेंस आ गया था. मेरी सेक्स ड्राइव अच्छी हो गई थी और मैं काफी हेल्दी और बेहतर महसूस करने लगा था.'
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डेनियल अब हेल्थ और फिटनेस कोच बन चुके हैं और अपने जैसे दूसरे पुरुषों की मदद करते हैं. उन्होंने एक किताब भी लिखी है जिसमें उन्होंने अपने थेरेपी के अनुभवों के बारे में बताया है. डेनियल का कहना है कि वो अब सारी उम्र इस ट्रीटमेंट को जारी रखेंगे. UK में कम टेस्टोस्टेरोन की समस्या से जूझ रहे पुरुषों की संख्या ज्यादा है. ऐसे में टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी लेने वाले पुरुषों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है.
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कम टेस्टोस्टेरोन की समस्या से जूझ चुके UK के एलिस्टेयर केनेट ने 2018 में ऑप्टिमल नाम की एक कंपनी बनाई, जहां ऐसे ही पुरुषों को टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी दी जाती है. एलिस्टेयर ने कहा, 'हमारे पास 27, 28, 26 साल के कई युवा आते हैं जो कम टेस्टोस्टेरोन की दिक्कत का सामना कर रहे हैं. सबसे पहले इनका ब्लड टेस्ट किया जाता है. हार्मोन का स्तर बहुत कम आने पर इनका ट्रीटमेंट शुरू किया जाता है.'
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टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी में जेल, पैच या रेगुलर इंजेक्शन के जरिए सिंथेटिक हार्मोन दिया जाता है. जरूरत के हिसाब से इसे ताउम्र लिया जा सकता है. एलिस्टेयर कहते हैं कि 6-8 हफ्तों के अंदर इसके बेहतरीन रिजल्ट मिलने लगते हैं. उन्होंने कहा, 'ट्रीटमेंट कराने के बाद अक्सर लोग कहते हैं कि मेरी जिंदगी बदल गई या फिर इसने मेरी शादी टूटने से बचा ली.'
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एलिस्टेयर ने कहा, 'ज्यादातर पुरुषों में कम टेस्टोस्टेरोन के लक्षण 30-40 उम्र में दिखने लगते हैं. इसे 'पुरुषों का मेनोपॉज' भी कहा जा सकता है.' इस स्थिति में कोई पुरुषों को ब्रेन फॉग, ध्यान में कमी और कभी-कभी बॉडी रैश भी दिखाई देने लगते हैं. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उनका एस्ट्रोजन भी कम होने लगता है.'
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टेस्टोस्टेरोन का स्तर बहुत ज्यादा कम हो जाने पर कुछ पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या भी हो जाती है. इसके अलावा मांसपेशियां भी कमजोर होने लगती हैं. इसका असर मानसिक तौर पर भी पड़ने लगता है. इस समस्या से बचने के लिए हेल्थ एक्सपर्ट्स पुरुषों को सही लाइफस्टाइल रखने और खानपान पर ध्यान देने की सलाह देते हैं.
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