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लाइफस्टाइल न्यूज़

Corona vaccine: अमेरिका से आ सकती है वैक्सीन की खुशखबरी, 30,000 लोगों पर ट्रायल जल्द

अमेरिका के लोगों को जल्द मिलेगी खुशखबरी
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कोरोना वायरस वैक्सीन पर अमेरिका के लोगों को जल्द अच्छी खबर सुनने को मिल सकती है. फाइजर इंक (Pfizer) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अल्बर्ट बोरला का कहना है कि ये साल खत्म होने से पहले अमेरिका के लोगों तक  Covid-19 वैक्सीन पहुंचने की पूरी संभावना है. बोरला का कहना है कि कंपनी इसके लिए पूरी तरह तैयार है.

2021 से पहले वैक्सीन आने का दावा
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बोरला का कहना है कि वो इस बात को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं कि ये वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और यूएस रेगुलेटर्स और फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की तरफ से मंजूरी मिलते ही इसे लोगों को देना शुरू कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि  2021 से पहले अमेरिका के सभी लोगों को ये वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी. 

कंपनी की तरफ से है पूरी तैयारी
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फाइजर इंक ये वैक्सीन बायोएनटेक के साथ मिलकर बना रहा है. बोरला ने कहा, 'मैं यह नहीं कह सकता कि FDA का क्या रुख होगा लेकिन मुझे लगता है कि हमें इसकी मंजूरी मिल जाएगी और हम इसकी पूरी तैयारी कर रहे हैं.'
 

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 वैक्सीन की मंजूरी का इंतजार
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बोरला ने कहा, 'अगर ये काम करती है तो लोगों को जल्द उपलब्ध कराई जाएगी.' उन्होंने कहा कि इसके क्लिनिकल ट्रायल के नतीजे कब तक आएंगे, ये इस बात पर निर्भर करता है कि हमें स्टडी के लिए पर्याप्त लोग कब तक मिल पाते हैं. स्टडी के सकारात्मक नतीजों से हमें वैक्सीन की मंजूरी जल्दी मिल जाएगी.

फाइजर और बायोएनटेक साथ बना रहीं हैं वैक्सीन
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न्यूयॉर्क स्थित फाइजर और जर्मनी के बायोएनटेक को मॉर्डना इंक और एस्ट्राजेनेका के साथ-साथ वैक्सीन की दौड़ में आगे देखा जा रहा है. बोरला ने कहा कि फाइजर और उसकी सहयोगी कंपनी को 60 फीसदी उम्मीद है कि वो अपनी प्रायोगिक वैक्सीन की क्षमता के बारे में अक्टूबर तक पता लगा लेगी.
 

क्लिनिकल ट्रायल इसी हफ्ते
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कंपनी ने एक बयान में कहा कि वो इसी हफ्ते वैक्सीन के अंतिम चरण के क्लिनिकल ट्रायल के लिए  30,000 मरीजों का नामांकन करेगी. इसके अलावा युवाओं समेत 44,000 और लोगों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है जिसमें एचआईवी, हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी के मरीज भी होंगे.
 

स्टडी में ज्यादा लोगों को किया जाएगा शामिल
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बोरला ने कहा कि वे अफ्रीकी-अमेरिकियों सहित अलग-अलग रंग के ज्यादा से ज्यादा लोगों को अपने लेट स्टेज ट्रायल में शामिल करने की कोशिश करेंगे. फिलहाल अभी 60 फीसदी श्वेत और 40 फीसदी अश्वेत लोगों पर स्टडी की जा रही है, जिसमें 44 फीसदी लोग बुजुर्ग हैं.
 

वैक्सीन को राजनीति से दूर रखने की कोशिश
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बोरला का कहना है कि फाइजर ने अपनी Covid-19 वैक्सीन के रिसर्च में कर दाताओं के पैसे का किसी भी तरह इस्तेमाल नहीं किया है. इसका मकसद यही है कि इसे सरकार और नौकरशाह के प्रभाव से बचाया जा सके. उन्होंने कहा, 'मैं  फाइजर को राजनीति से दूर रखना चाहता हूं.'
 

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