लोकप्रिय टीवी एक्टर सिद्धार्थ शुक्ला (Sidharth Shukla) की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई है. सिद्धार्थ के फैंस और फिल्म इंडस्ट्री इस बात को लेकर हैरान है कि आखिर उन जैसा फिट एक्टर दिल की समस्या से कैसे जूझ सकता है. पिछले एक दशक में युवा भारतीयों में हार्ट अटैक की समस्या में काफी बढ़ोतरी भी देखने को मिली है. सिद्धार्थ की मौत के बाद कम उम्र के लोगों में हार्ट अटैक की वजहों पर बहस शुरू हो गई है.
सिद्धार्थ की मौत पर कुछ डॉक्टर्स का कहना है कि सिद्धार्थ ने केवल अपनी फिजिकल फिटनेस और बॉडी पर ही काम किया और अत्यधिक वर्कआउट के चलते उन्होंने अपनी एनर्जी खो दी. इसके अलावा, उनके दोस्तों के मुताबिक सिद्धार्थ का स्लीपिंग पैटर्न भी सही नहीं था. सोने की ऐसी अनियमितता दिल की सेहत के लिए काफी खतरनाक हो सकती है.
एम्स के डॉक्टर नरेश त्रेहान ने इंडिया टुडे के साथ बातचीत में कहा कि स्ट्रेस से भरी लाइफ, हाई प्रोफाइल सोशल लाइफ, ड्रग्स जैसे तमाम फैक्टर्स हैं जो एक्सरसाइज करने के बावजूद लोगों को नकारात्मक तौर पर प्रभावित कर सकते हैं. युवा भारतीयों में हार्ट अटैक की समस्या को लेकर डॉ. त्रेहान ने कहा कि जो लोग अपनी जिंदगी के दूसरे दशक में हैं, उनमें भी ये समस्या देखी जा रही है.
उन्होंने आगे कहा कि जो लोग अपनी जिंदगी के तीसरे दशक में प्रवेश कर चुके हैं, उन्हें अपने शरीर के फुल चेकअप को प्राथमिकता देनी चाहिए. अगर आप वर्कआउट भी करते हैं तो भी आपको चेकअप की जरूरत है क्योंकि फैमिली में बीमारियों की हिस्ट्री और धमनियों की समस्या जैसी कई चीजें मायने रखती हैं.
सर गंगाराम अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर अश्वनी मेहता का कहना है, 'लोग अपनी बॉडी पर तो कड़ी मेहनत करते हैं लेकिन अपनी मानसिक सेहत का ख्याल नहीं रखते हैं. इसके अलावा, स्ट्रेस ज्यादा से ज्यादा लोगों को शराब और ड्रग्स की तरफ धकेल रहा है. लोग एक्सरसाइज करते हैं लेकिन तनाव को खत्म करने के लिए स्मोक करने लगते हैं या ड्रग्स का इस्तेमाल करने लगते हैं. इसके चलते जो हॉर्मोन्स में बदलाव होते हैं, उन्हें दिल के डिसऑर्डर से लिंक किया जा सकता है.
इसके अलावा मुंबई के वॉकहार्ट अस्पताल के सलाहकार कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर रवि गुप्ता का कहना है, 'स्मोकिंग की वजह से धमनियों में क्लॉट बनता है और ये हार्ट अटैक की वजह बनता है. अल्कोहल का इस्तेमाल भी बहुत सीमित मात्रा में करना चाहिए.'
उन्होंने आगे कहा कि कार्डिएक अरेस्ट के बाद दिल का दौरा पड़ने की मेडिकल प्रक्रिया को वेंट्रीक्युलर फिब्रिलेशन कहा जाता है. ऐसे हार्ट अटैक उन लोगों में कॉमन होते हैं जिनकी अनियमित लाइफस्टायल होती है, जो लोग फास्ट फूड ज्यादा खाते हैं, काफी स्मोकिंग करते हैं, ड्रग्स या स्टेरॉयड का इस्तेमाल करते हैं या फिर जिन्हें बहुत अधिक स्ट्रेस होता है.
डॉक्टर्स का कहना है कि मेंटल हेल्थ भी काफी ज्यादा जरूरी है. हम कई बार कई-कई घंटों तक प्रोफेशनल लाइफ में इतना ज्यादा बिजी रहते हैं कि अपने शरीर और मेंटल हेल्थ की परवाह करना छोड़ देते हैं. प्रोफेशनल लाइफ में अपने आपको साबित करने के लिए कई लोगों पर बेतहाशा दबाव बना हुआ है, जिससे मानसिक स्थिति पर बुरा असर होता है.
उन्होंने इसके अलावा बताया कि एशिया में कार्डिएक डिसऑर्डर जीन्स के चलते भी जुड़े हुए है. यही कारण है कि पश्चिमी देशों के यंग लोगों से ज्यादा एशियाई देशों में युवा लोग हार्ट अटैक से मर रहे हैं. ये जरूरी है कि लोगों को 30 की उम्र के बाद हेल्थ चेकअप कराने चाहिए. स्मोकिंग और ड्रग्स का सहारा नहीं लेना चाहिए. मेडिटेशन और योगा से स्ट्रेस रिलीज करने पर फोकस करना चाहिए.
गौरतलब है कि सिद्धार्थ बिग बॉस सीजन 13 में स्मोकिंग किया करते थे और एक बार उन्होंने शहनाज से बातचीत में कहा भी था कि स्मोकिंग से उनके शरीर को नुकसान पहुंच रहा है. यहां तक कि जब उनकी मां भी बिग बॉस के शो में पहुंची थी तो उन्होंने कहा था कि सिद्धार्थ को स्मोकिंग कम करनी चाहिए. हालांकि जब वे तूफानी सीनियर बनकर बिग बॉस सीजन 14 में आए थे तब उन्होंने कहा था कि वे सिगरेट काफी कम कर चुके हैं.
वहीं, इस मामले में सिद्धार्थ के दोस्त और एक्टर कह चुके हैं कि शो बिजनेस की इंडस्ट्री में लोगों पर अच्छा दिखने का प्रेशर होता है. आपको सोना पड़ता है ताकि आपका चेहरा बुझा हुआ ना दिखे. आपके चेहरे पर काम मिलता है. ऐसे में अपना ख्याल रखना काफी जरूरी हो जाता है. सभी पर अच्छा दिखने का दबाव होता है. इसलिए कई बार ना चाहते हुए भी आप स्ट्रेस में आ जाते हो.
गौरतलब है कि सिद्धार्थ जिम को लेकर काफी ज्यादा अनुशासित थे. वे प्रोटीन युक्त स्ट्रिक्ट डाइट का पालन करते थे. फिलहाल, सिद्धार्थ के फैंस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है.