अरबी एक ऐसी सब्जी है जो सर्दियों के मौसम में बड़े चाव से खाई जाती है. जड़ वाली सब्जियों में अरबी को सबसे स्वादिष्ट और सेहतमंद माना जाता है. भारत और एशिया में इसे सबसे ज्यादा खाया जाता है. इसकी दो किस्में होती हैं एक काली जबकि दूसरी हरे तने वाली होती है. भारत में इसकी फसल अक्टूबर से दिसंबर के दौरान होती है. प्रसिद्ध न्यूट्रशिनिस्ट और लेखिका मुनमुन गनेरीवाल ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में अरबी से जुड़े रोचक तथ्य और इसके फायदे (Arbi benefits) के बारे में एक लंबा पोस्ट लिखा है.
अरबी गोवा, कर्नाटक और महाराष्ट्र में उतनी ही लोकप्रिय है जितना कि भारत के उत्तरी और पश्चिमी राज्यों में. गनेरीवाल ने लिखा कि अरबी को फ्राई, करी और सब्जी के अलावा और भी कई तरीके से खाया जा सकता है. ओडिशा में भी अरबी बहुत चाव से खाई जाती है और वहां इसे 'सरु' कहा जाता है. यहां इससे कई स्वादिष्ट पकवान बनाए जाते हैं जैसे कि 'सरु बेसरा' और 'दलमा'. इसके अलावा सरू चिप्स बनाने के लिए असकी जड़ों को भी तेल में डीप फ्राई किया जाता है और लाल मिर्च पाउडर और नमक मिलाकर इसे तैयार किया जाता है.
अरबी के फायदे (Benefits of Arbi)- गनेरीवाल ने लिखा, 'अरबी फाइबर, पोटेशियम, मैग्नीशियम और विटामिन C और E का एक बड़ा स्रोत है और ये सेहत को कई तरीके से फायदा पहुंचाती है. ये ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखने के साथ आंत और दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद है. इसकी एक और खासियत ये है कि ये एक स्टार्च वाली सब्जी है जिसमें दो तरह के कार्बोहाइड्रेट होते हैं जो ब्लड शुगर मैनेजमेंट के लिए बहुत अच्छे होते हैं. ये हैं फाइबर और रेजिस्टेंट स्टार्च. यह अन्य कार्ब्स के पाचन और अवशोषण को भी धीमा कर देता है, इससे खाने के बाद ब्लड शुगर नहीं बढ़ता है. इतना ही नहीं ये कैंसर के खतरे को भी कम कर देता है.'
वेट लॉस में भी अरबी बहुत फायदेमंद है. अरबी में खूब सारा फाइबर होता है और इसे खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है. अरबी खाने से दिन भर की कैलोरी की मात्रा में कमी आती है जिससे वजन तेजी से कम होता है. गनेरीवाल का कहना है कि सर्दियों के मौसम में हर किसी को अपनी डेली डाइट में अरबी खानी चाहिए. ये ना सिर्फ खाने में स्वादिष्ट होती है बल्कि सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद होती है.