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Bird Flu: बर्ड फ्लू किडनी और हार्ट पर डाल सकता है बुरा असर! ये हैं उसके लक्षण और बचने के उपाय

Bird flu: भारत में बर्ड फ्लू की पुष्टि की गई है. जिसके कारण हजारों मुर्गियों को मारने के आदेश दिए गए हैं. पिछले साल चीन में बर्ड फ्लू से 21 लोगों की मौत हुई थी. हालां कि इंसानों में इसके फैलने के काफी कम चांस होते हैं, लेकिन फिर भी इससे सावधान रहने की जरूरत है. बर्ड फ्लू के लक्षण, बचने के उपाय और फैलने से रोकने के तरीके के बारे में आर्टिकल में जानेंगे.

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(Image credit; pexels)
(Image credit; pexels)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • देश में बर्ड फ्लू ने दस्तक दी है
  • महाराष्ट्र में बर्ड फ्लू की पुष्टि की गई है
  • लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए

Bird flu: कोरोना महामारी से देश अभी तक उबरा नहीं है कि एवियन इन्फ्लुएंजा यानी बर्ड फ्लू ने देश में दस्तक दे दी है. महाराष्ट्र के ठाणे में बर्ड फ्लू की कुछ दिन पहले पुष्टि हुई है, जिसके बाद से प्रशासन अलर्ट हो गया है. शाहपुर तहसील के वेहलोली गांव के पोल्ट्री फॉर्मों में 300 से ज्यादा मुर्गियां मरी हुई पाई गई थीं, जिनके नमूनों की जांच हुई और बर्ड फ्लू की  पुष्टि होने के बाद  प्रशासन ने इलाके के 25 हजार से अधिक मुर्गे-मुर्गियों को मारने और उनके अंडों को नष्ट करने का आदेश दिया. 

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यह वायरस आमतौर जंगली जलीय पक्षियों में होता है और मुर्गी एवं अन्य पक्षियों और जानवरों को संक्रमित कर सकता है. इसका मनुष्यों पर अधिक प्रभाव नहीं होता, लेकिन फिर भी बर्ड फ्लू से बचे रहने के लिए सावधानी रखना काफी जरूरी है, क्योंकि पिछले साल चीन में बर्ड फ्लू से 21 लोगों की मौत हो गई थी. इसलिए बर्ड फ्लू के लक्षण, बचने के उपाय भी जान लीजिए.

इंसानों में बर्ड फ्लू

एक्सपर्ट के मुताबिक, अगर यह वायरस किसी इंसान को संक्रमित करता है, तो यह वायरस काफी हल्का होगा. लेकिन कुछ गंभीर मामलों में आईसीयू की जरूरत हो सकती है. 2003 से 2019 के बीच WHO ने दुनिया भर में H5N1 के 861 इंसानी मामलों की पुष्टि की है, जिनमें से 455 लोगों की मौत हुई. हालां कि इनमें से एक भी मौत भारत में नहीं हुई.

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इंसानों में बर्ड फ्लू के लक्षण

अगर कोई बर्ड फ्लू से संक्रमित होता है तो उसे खांसी, बुखार, गले में खराश, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं. वहीं, जो लोग बर्ड फ्लू से संक्रमित हो चुके होते हैं, उनमें निमोनिया, पिंकआई, किडनी की समस्या और हार्ट समस्या का खतरा पैदा हो सकता है. 

अगर आप उस क्षेत्र के आसपास रहते हैं, जहां बर्ड फ्लू की सूचना मिली है और आपको बुखार, खांसी या शरीर में दर्द है, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें. डॉक्टर को सारी बात बताएं कि आप कहां गए थे और आपको क्या लक्षण दिख रहे हैं. 

बर्ड फ्लू और अंडे-चिकन का सेवन

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन और विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा नेशनल फूड सेफ्टी अथॉरिटीज को जारी की गई सूचना के मुताबिक, चिकन और अन्य पोल्ट्री खाने के लिए तब सुरक्षित हैं, जब इसे ठीक से पकाया जाए. लेकिन जिस एरिया में बर्ड फ्लू की सूचना मिली है, वहां के लोगों को इसके सेवन से बचना चाहिए. 

बर्ड फ्लू को फैलने से ऐसे रोकें

  • अगर चिकन का सेवन कर रहे हैं, तो उसकी सफाई करने या छूने से पहले ग्लब्स पहनें.
  • कटिंग बोर्ड, बर्तन और चिकन के संपर्क में आने वाली सभी चीजों को गर्म पानी और साबुन से धोएं. 
  • चिकन को अच्छी तरह से तब तक पकाएं, जब तक बर्तन का तापमान 165 फैरनहाइट या 74 डिग्री सेल्सियस तक न पहुंच जाए.
  • कच्चे अंडे या हॉफ फ्राय अंडे का सेवन न करें. 
  • यदि आप किसी रेस्तरां में खाने की योजना बना रहे हैं, तो पहले चिकन या अंडे की क्वालिटी और खाने को बनाने  के बारे में पता करें, उसके बाद ही खाएं.
  • घरेलू प्रयोग के लिए फ्रोजन चिकन चुनना सही रहता है. अगर ताजा कटा हुआ चिकन है, तो उसे पकाने से पहले रेफ्रिजेरेटर में रखें.

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