शरीर में कैल्शियम (Calcium Deficiency) की कमी से हड्डियां कमजोर पड़ने लगती हैं. ये समस्या बढ़ती उम्र के लोगों में ज्यादा देखी जाती है. कुछ लोग शरीर में कैल्शियम की कमी को डेयरी प्रोडक्ट की मदद से दूर करने की सलाह देते हैं, लेकिन आप ये भूल रहे हैं कि डेयरी प्रोडक्ट (Dairy Products) बॉडी फैट (Body fat) भी बढ़ाते हैं, जो मोटापे का बड़ा कारण है. ऐसे में जानी-मानी हेल्थ एक्सपर्ट डॉक्टर नंदिता शाह ने कैल्शियम की कमी को पूरा करने का एक बेजोड़ फॉर्मूला बताया है.
डॉ. शाह का कहना है कि पशुओं से जो दूध हमें मिलता है, उसमें कैल्शियम पाया जाता है. कैल्शियम एक मिनरल (Mineral) है जो जमीन में उगने वाले पौधों, फलों और सब्जियों (Healthy foods) में पाया जाता है. इसका मतलब हुआ है कि पशुओं को भी यह मिनरल इन्हीं चीजों से मिलता है. इसलिए दूध की बजाय जमीन में उगने वाली चीजों से कैल्शियम की पूर्ति करना ज्यादा बेहतर विकल्प होगा.
दूध से 10 गुना ज्यादा कैल्शियम
डॉ. शाह ने ये भी बताया कि तिल के बीज शरीर में कैल्शियम की कमी को ज्यादा तेजी से पूरा कर सकते हैं. 100 ग्राम तिल के बीजों (Sesame seeds) में गाय के दूध (Cow milk) से 10 गुना ज्यादा कैल्शियम होता है. इसके अलावा, मोरिंगा के पत्ते, साबुत अनाज, मेवा और हरि पत्तेदार-फलीदार सब्जियों में काफी ज्यादा मात्रा में कैल्शियम मौजूद होता है.
ऑस्टियोपोरोसिस पर कैल्शियम की दवाएं बेअसर
कैल्शियम की कमी से अक्सर लोगों को ऑस्टियोपोरोसिस (osteoporosis) की समस्या होने लगती है. इस घातक रोग में इंसान की हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और उम्र बढ़ने के साथ उनकी कोशिकाओं का निर्माण नहीं हो पाता है. इसे दूर करने के लिए कुछ लोग कैल्शियम टैबलेट लेना शुरू कर देते हैं. लेकिन कैल्शियम की दवाओं से ये रोग दूर नहीं हो सकता है. इसके लिए आपको अपनी डाइट में कैल्शियम के अलावा मैग्नीशियम, विटामिन-डी और खनिज पदार्थों को शामिल करना चाहिए, जो आपकी नैचुरल डाइट में पहले से ही मौजूद हैं.