COVID-19 case in india: देश में कोरोना की रफ्तार लगातार बढ़ रही है. अगर पिछले 24 घंटों की बात करें तो 17 हजार 092 नए मामले सामने आए हैं. पिछले कुछ समय में कोरोना के नए सबवैरिएंट भी सामने आए हैं जिनके कारण कोरोना के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है. भारत के अलावा इंग्लैंड और यूके की बात करें तो वहां कोरोना के मामलों में वृद्धि का कारण ओमिक्रॉन के सबवैरिएंट BA.4 और BA.5 माने जा रहे हैं. बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए पांचवी लहर की संभावना भी देखी जा रही है. भारत में रोजाना आ रहे केसों की बात की जाए तो एक्सपर्ट ने सावधानी बरतने की सलाह दी है. लगातार बढ़ते हुए कोरोना के मरीजों में कुछ सामान्य लक्षण देखे जा रहे हैं.
लगातार म्युटेट हो रहा है वायरस
कोरोनावायरस लगातार म्यूटेट हो रहा है जिससे लगातार इसके लक्षण बदल रहे हैं. कोरोना के लक्षण पता करने वाली ZOE Covid स्टडी मोबाइल एप्लीकेशन पर लोगों ने अपने लक्षणों के बारे में बताया है. जो लोग कोविड पॉजिटिव हैं वे लोग ही इस एप्लीकेशन पर अपने लक्षण बताते हैं. लोगों द्वारा बताए हुए लक्षणों के डाटा का विश्लेषण किंग्स कॉलेज लंदन के सहयोग से किया जाता है. इस डाटा के विश्लेषण से पता चलता है कि 69 प्रतिशत लोगों को कोविड पॉजिटिव होने से पहले सिरदर्द की शिकायत थी. कहा जा सकता है कि सिरदर्द से संबंधित स्थिति में कोरोना के लक्षणों में से एक है. कुछ लोगों को सांस लेने में समस्या होने से पहले भी सिरदर्द हो सकता है.
बुखार भी है मुख्य लक्षण
कोलकाता के प्राइवेट हॉस्पिटल्स के एक्सपर्ट का कहना है कि कोविड-19 के मौजूदा केसों में तेज बुखार अभी भी मुख्य लक्षण है. हालांकि पहले की लहरों की तरह सांस लेने में तकलीफ, खांसी, सर्दी, गंध और स्वाद की कमी वाले लक्षण अभी देखने नहीं मिल रहे हैं.
सीएमआरआई अस्पताल के पल्मोनोलॉजी के डायरेक्टर राजा धर (Raja Dhar) के मुताबिक, कोरोना केस बढ़ने के बाद तेज बुखार आता है जो कि दो-तीन दिन तक रहता है. इसके बाद चौथे या पांचवें दिन कम हो जाता है. मुंबई और दिल्ली में भी अधिकांश कोविड मरीजों में भी इसी तरह के लक्षण पाए गए हैं.
आरएन टैगोर इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डिएक साइंसेज के वैज्ञानिक सौरेन पांजा (Sauren Panja) ने कहा, हर लहर में वायरस कमजोर होता जाता है इस कारण उसके लक्षण और फैलने की तीव्रता भी कम हो जाएगी. तीसरी लहर में लक्षण दूसरी की तुलना में हल्के थे और आगे चलकर लक्षण और भी हल्के होंगे. अभी तक हल्का और मध्यम बुखार ही कोविड पॉजिटिव लोगों में एकमात्र लक्षण दिख रहा है लेकिन जो लोग पूरी तरह से वैक्सीनेटेड नहीं है उन्हें अधिक जोखिम हो सकता है.
पीयरलेस हॉस्पिटल के क्लिनिकल रिसर्च डायरेक्टर सुभ्रोज्योति भौमिक (Subhrojyoti Bhowmick) के अनुसार, कोविड का लक्षण बुखार इसलिए सामने आ रहा है क्योंकि अधिकांश लोगों को वैक्सीन लगाई गई है. वैक्सीनेशन से पता लगता है कि हमारे शरीर में वायरस से लड़ने के लिए पर्याप्त एंटीबॉडी हैं. बुखार तब होता है जब एंटीबॉडी वायरस से लड़ने की कोशिश करती है. अगर किसी को बुखार आता है तो यह पता चलता है कि इम्यूनिटी कम हो रही है क्योंकि शरीर की एंटीबॉडी बुखार से लड़ रही है. सभी को तीसरा वैक्सीनेशन करा लेना चाहिए क्योंकि जुलाई तक यह कोरोना के मामले और अधिक बढ़ सकते हैं.