Covid 19 in world: कोरोना वायरस (Coronavirus) के मामलों में वापस से तेजी आने लगी है. चीन के साथ जापान, अर्जेंटीना, जापान, दक्षिण कोरिया, अमेरिका और ब्राजील जैसे देशों में भी केस बढ़ने लगे हैं. कोरोना के मरीजों के बढ़ते हुए आंकड़ों को देखते हुए भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने आज हाई लेवल मीटिंग बुलाई है.
साल 2019 में दिसंबर महीने में ही चीन में कोरोना वायरस नाम की नई महामारी ने दस्तक दी थी और उसके बाद पूरी दुनिया में इस वायरस ने तबाही मचाई. ऐसे में दुनिया को ये चिंता सताने लगी है कि क्या एक बार फिर से नए साल की खुशियों पर कोरोना वायरस नाम का ग्रहण लगने वाला है?
दिसंबर-जनवरी 2019 में कोरोना के बढ़े मामलों में क्रिसमस-न्यू ईयर पर होने वाली भीड़-भाड़ का भी अहम योगदान था क्योंकि यह वायरस एक-दूसरे के संपर्क में आने से फैलता है.
क्रिसमस-न्यू ईयर 2022 के समय कोरोना के मामले बढ़ने से वापस से हम उसी जगह आकर खड़े हो गए हैं जहां तीन साल पहले थे. एक्सपर्ट ने चिंता जताई है कि अगर दिसंबर के आखिरी सप्ताह और जनवरी में आने वाले फेस्टिवल पर सावधानी नहीं बरती गई और भीड़-भाड़ हुई तो कोरोना विस्फोट भी हो सकता है.
कोरोना की दुनिया में स्थिति
पिछले 24 घंटे में अमेरिका में 22578 केस, जर्मनी में 55016 केस, ब्राजील में 29579 केस, फ्रांस में 8213 केस, दक्षिण कोरिया में 26622 केस, जापान में 72297 केस, रूस में 6341 और ताइवान में 10359 केस मिले हैं.
पिछले 7 दिनों में दुनिया भर में कोरोना के 3,632,109 केस सामने आए हैं. अकेले जापान में 1055578 केस मिले हैं. वहीं, दक्षिण कोरिया में 460,766, फ्रांस में 384184, ब्राजील में 284,200, अमेरिका में 272,075, जर्मनी में 223,227, हॉन्गकॉन्ग में 108577, चीन के पड़ोसी ताइवान में 107381 केस मिले हैं.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत में आज बुधवार को 131 कोरोना के मामले सामने आए जिससे एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 3408 हो गई है. वहीं नेशनल कोविड-19 रिकवरी रेट बढ़कर 98.80 प्रतिशत हो गई है. हालांकि, कई एक्सपर्ट्स का कहना है कि लोग टेस्टिंग कम करा रहे हैं, ऐसे में ये संख्या ज्यादा भी हो सकती है.
Indiatoday की रिपोर्ट के मुताबिक, कोविड-19 मामलों में हालिया वृद्धि के कारण चीन पर लगभग 20 लाख लोगों की मौत का खतरा मंडरा रहा है. वैज्ञानिक एरिक फेगल-डिंग (Eric Feigl-Ding) ने सोमवार को चेतावनी दी कि "चीन की 60 प्रतिशत से अधिक और धरती की 10 प्रतिशत आबादी अगले 90 दिनों में संक्रमित हो सकती है और इससे लाखों लोगों की मौत भी हो सकती है."
भारत के लोगों को डरने की जरूरत नहीं
अपोलो हॉस्पिटल की एमडी डॉ. संगीता रेड्डी (Dr. Sangita Reddy) के मुताबिक, "भारत में कोविड वैक्सीनेशन अभियान और इफेक्टिव वैक्सीन को देखते हुए चीन में कोविड-19 के बढ़ने मामलों से बहुत ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है. हमें चीन से आने वाली फ्लाइट्स के संबंध में नीतियों पर तुरंत काम करना चाहिए. चीन में फैला वर्तमान COVID न केवल चीन के लिए एक दुखद त्रासदी है, बल्कि वैश्विक आबादी को भी बड़े जोखिम में डाल सकता है.
एंटी टास्क फोर्स के वरिष्ठ सदस्य और कोविड टीकाकरण अभियान के प्रमुख डॉ. एनके अरोड़ा के मुताबिक, भारत को चीन में बढ़ते मामलों से डरने की जरूरत नहीं है लेकिन सावधानी बरतनी काफी जरूरी है. भारत में बड़े स्तर पर वैक्सीनेशन हो चुका है जिसमें बुजुर्ग, युवा और कम उम्र के बच्चे भी शामिल हैं.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा कि वे नए कोविड पॉजिटिव मरीजों का सैंपल INSACOG लैब को भेजे ताकि उनका जीनोम सीक्वेंसिंग हो सके और अगर कोरोना का कोई नया वैरिएंट का पता चलता है तो उसे ट्रैक भी किया जा सके.
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा, "भारत अपने पांच सूत्रीय फार्मूला टेस्ट, ट्रैक, ट्रीट, टीका और कोविड के लिए उचित व्यवहार से कोरोना को फैलने से रोक सका है. अभी हर हफ्ते करीब 1200 केस सामने आ रहे हैं लेकिन अभी दुनिया के दूसरे देशों में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, दुनिया के अन्य देशों में हर हफ्ते 35 लाख मामले सामने आ रहे हैं.
सावधान रहने की जरूरत
एक्सपर्ट्स का कहना है क्रिसमस-न्यू ईयर के मौके पर लोग बहुत से लोग हाउस पार्टीज ऑर्गेनाइज करते हैं या फिर क्लब-पब में पार्टी करने जाते हैं. इसको देखते हुए एक्सपर्ट दुनिया में बढ़ रहे मामलों के कारण सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं.
हम भी आपको पब या पार्टी में जाने की सलाह नहीं दे रहे हैं क्योंकि ऐसे में भीड़-भाड़ अधिक होने से संक्रमण का खतरा अधिक हो सकता है. कोविड-19 खांसने, छींकने , बात करने से ही एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है इसलिए अगर आप हाउस पार्टी कर रहे हैं तो लिमिटेड और पूरी तरह से स्वस्थ लोगों को ही बुलाएं.
अगर पार्टी के दौरान किसी को कोई भी लक्षण नजर आए तो तुरंत सावधान हो जाएं. खांसी, जुकाम, बुखार, छाती में दर्द, सुनने में दिक्कत और स्मेल जैसे लक्षण कोविड-19 की पहचान हैं. कोविड-19 से बचे रहने के लिए भीड़-भाड़ वाली जगह पर मास्क लगाएं. समय-समय पर हाथ धोते रहें.
साल 2019 में इसी समय कोरोना ने मचाई थी तबाही
SCMP के अनुसार, चीन में कोविड-19 का पहला मामला 8 दिसंबर 2019 को आया था. इस दिन के बाद से रोजाना नए मामले सामने आने लगे और 15 दिसंबर 2019 तक कोरोना के मरीजों की संख्या 27 और 20 दिसंबर तक कोरोना के पुष्टि किए गए मामलों की कुल संख्या 60 तक पहुंच गई थी.
एक इंटरव्यू में चीनी डॉक्टर्स ने बताया था कि उन्हें दिसंबर के अंत में ही समझ आ गया था कि एक नई बीमारी आ चुकी है. इसके कुछ समय बाद ही जनवरी 2020 से कोरोना विस्फोट हुआ और मात्र दो महीने के अंदर ही वुहान समेत दुनिया भर में फैल चुका था.
27 दिसंबर को हुबेई के डॉक्टर झांग जिक्सियन (Zhang Jixian) ने चीन के हेल्थ ऑफिसर्स को बताया था कि यह बीमारी 'कोरोनावायरस' के कारण हुई थी लेकिन उस समय तक चीन में 180 से अधिक लोग संक्रमित हो चुके थे.
भारत में भी जनवरी से ही बढ़े थे केस
भारत में कोरोना का पहला मामला 30 जनवरी 2020 को सामने आया था. यह पहला मामला चीन के वुहान से लौटी केरल की एक छात्रा थी जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी. अप्रैल 2020 तक भारत में कोरोना की रफ्तार अन्य यूरोपीय देशों की अपेक्षा कम थी. मई में कोरोना के मामले बढ़ना शुरू हुए और सितंबर में कोरोना विस्फोट हुआ था जिस कारण रोज 75-90 हजार कोरोना के मामले सामने आने लगे थे. इसे कोरोना का पीक कहा गया था.