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Heart Attack: ये लक्षण बढ़ाते हैं हार्ट अटैक का रिस्क, ऐसे पहचानें आपका दिल खतरे में है

Heart Attack: लाइफस्टाइल और खानपान की गलत आदतें डायबिटीज, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और बैड कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियों को जन्म देती हैं जिनसे आगे चलकर हार्ट डिसीस और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है. इस आर्टिकल में हम कुछ सामान्य रिस्क फैक्टर्स के बारे में बता रहे हैं जो हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाते हैं.

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प्रतीकात्मक तस्वीर (Getty Images)
प्रतीकात्मक तस्वीर (Getty Images)

हार्ट अटैक जिसे मेडिकल भाषा में मायोकार्डियल इन्फ्रक्शन कहा जाता है, यह एक एमरजेंसी कंडीशन है जो गंभीर स्थिति में इंसान की जान ले सकती है. पर्याप्त खून ना मिल पाने के कारण आपका दिल काम करना बंद कर देता है जिस वजह से हार्ट अटैक आता है. यह आमतौर पर धमनियों (ब्लड वेसल्स) में रुकावट के कारण होता है जो आपके दिल तक ब्लड सप्लाई (खून की आपूर्ति) करती हैं. दौरा दिल को बहुत नुकसान पहुंचाता है और अगर इस स्थिति में तुरंत दिल तक खून की सप्लाई ना हो तो इंसान की मौत भी हो सकती है.

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हार्ट अटैक से बचने के लिए बचाव जरूरी है इसलिए आपको हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ाने वाले फैक्टर्स की जानकारी होनी चाहिए. यहां हम आपको जोखिम बढ़ाने वाले फैक्टर्स के बारे में बता रहे हैं जिसमें मेडिकल कंडीशन, जीवनशैली और खानपान शामिल हैं. आप इन चीजों पर ध्यान देकर हार्ट अटैक के जोखिम से बच सकते हैं.

1. कोलेस्ट्रॉल (cholesterol)
दिल के रोग और हार्ट अटैक के जोखिम से बचने के लिए कोलेस्ट्रॉल पर काबू रखना जरूरी है. अगर आपका कोलेस्ट्रॉल का स्तर स्वस्थ होगा तो आपका दिल स्वस्थ रहेगा. अगर आप इस बीमारी से पीड़ित हैं तो अपने डॉक्टर से कोलेस्ट्रॉल को कम करने के तरीकों की जानकारी लें. आहार में फाइबर बढ़ाएं. पौष्टिक खाना खाएं और कम फैट वाले खाद्य पदार्थों का चयन करें. नियमित रूप से व्यायाम करने से भी कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद मिलती है.

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2. डायबिटीज (Diabetes)
डायबिटीज आपके दिल को नुकसान पहुंचा सकती है. खासकर अगर यह नियंत्रण में ना हो. डायबिटीज से पीड़ित  65 वर्ष से अधिक उम्र के 65 प्रतिशत लोग हृदय रोग से ग्रसित होते हैं. इसलिए अपने ब्लड शुगर को काबू में रखें और हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो करें.

3. हाई ब्लड प्रेशर(उच्च रक्तचाप)
हाई ब्लड प्रेशर भी हृदय रोग का एक कॉमन रिस्क फैक्टर है. जब आपका रक्तचाप बढ़ता है तो आपके दिल को काम करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है. दिल की मांसपेशियों पर दबाव पड़ने से दिल का दौरा पड़ सकता है. नियमित व्यायाम, कम शराब, वजन में संतुलन, कम नमक और कम फैट वाले आहार का सेवन और तनाव से दूर रहकर आप रक्तचाप को कम रख सकते हैं.

4. मोटापा (ओबेसिटी)
शरीर में मोटापा बढ़ने से कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ता है. वजन कम करने और उसमें संतुलन बनाने के लिए हेल्दी डाइट फॉलो करनी चाहिए और एक्टिव रहना चाहिए.

5. धूम्रपान (स्मोकिंग)
कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि हार्ट अटैक से होने वाली पांच मौतों में से एक के लिए स्मोकिंग जिम्मेदार है. अगर आप सिगरेट पीते हैं तो आपको दिल का दौरा पड़ने की संभावना दो से चार गुना तक बढ़ सकती है. धूम्रपान आपके हृदय तक पहुंचने वाली ऑक्सीजन की मात्रा को कम करता है, रक्तचाप बढ़ाता है, रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है और रक्त के थक्कों के बनने का जोखिम बढ़ाता है. अगर आप वर्तमान में धूम्रपान करते हैं तो समय रहते इसे छोड़कर हार्ट डिसीस और हार्ट अटैक के खतरे से खुद को दूर कर लें.

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6.तनाव (स्ट्रेस)
दिल का दौरा पड़ने का एक जोखिम तनाव भी है. इसलिए तनाव से दूर रहें और अगर आप इस समस्या से ग्रसित हैं तो उसे कम करने की कोशिश करें. तनाव कम करने के लिए योग, मेडिटेशन जैसी एक्टिविटीज में भाग लें.

7. सेक्स
हृदय रोग पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है. रिसर्च के मुताबिक, महिलाओं की तुलना में पुरुषों को दिल का दौरा पड़ने की संभावना अधिक होती है. वहीं, पुरुषों की तुलना में महिलाओं को उम्र बढ़ने के साथ दिल का दौरा पड़ने का खतरा अधिक होता है.

 

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