मॉर्निंग स्टिफनेस एक आम समस्या है, जिसमें कई लोगों के लिए सुबह बेड से उठने में बहुत दिक्कत होती है. जोड़ों में अकड़न का मुख्य कारण अर्थराइटिस या कैल्शियम की कमी मानी जाती है. कुछ लोगों को रात में करवट बदलने में भी दिक्कत होती है. यह अकड़न शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकती है. अगर आपको भी यह समस्या होती है, तो इसे दूर करने के लिए आपको बस कुछ बातों का ध्यान रखना होगा.
मॉर्निंग स्टिफनेस का कारण क्या है?
मॉर्निंग स्टिफनेस सिर्फ उम्र बढ़ना ही नहीं दिखाती, इसके कई कारण होते हैं, जिनमें से ज्यादातर कारण शरीर की नींद के दौरान चलने वाली चीजों से जुड़े होते हैं. आइए इन कारणों पर एक नजर डालते हैं.
मूवमेंट की कमी
जब हम सोते हैं, तो हमारी हड्डियां टाइट हो जाती हैं. उन 6-8 घंटों के दौरान मूवमेंट की कमी के कारण मसल्स कड़े हो जाते हैं, जिससे जब हम जागते हैं तो हमें चलने दिक्कत होती है.
डिहाइड्रेशन
यदि आप थोड़े भी डिहाइड्रेट होते हैं, तो आपके जोड़ों में मौजूद कुशनिंग फ्लूइड, जिसे सायनोवियल फ्लूइड भी कहा जाता है, थोड़ा सूख सकता है, जिससे सुबह उठने में मसल्स अकड़ जाती है.
सोने का खराब पोश्चर
जिस तरह से आप सोते हैं, वह भी सुबह मसल्स में पेन का कारण बन जाता है. गलत पोश्चर में सोना या गलत तकिए का प्रयोग करना आपकी पीठ, गर्दन और जोड़ों पर दबाव डाल सकता है, जिससे सुबह दिक्कत हो सकती है.
उम्र
जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, जोड़ों में फ्लेक्सिबिलिटी कम हो जाती है, जिससे जोड़ों में दर्द होता है.
मॉर्निंग स्टिफनेस को कैसे रोकें?
स्ट्रेचिंग करें
रात को सोने से पहले और सुबह उठते ही स्ट्रेचिंग करना बहुत फायदेमंद हो सकता है. जैसे पैरों की ओर झुकना, शरीर को मरोड़ना, या हाथों को सिर के ऊपर खींचना.
पानी पीना
रात को सोने से पहले एक गिलास पानी पीना अच्छा रहता है ताकि रात में शरीर डिहाइड्रेट न हो, लेकिन बहुत ज्यादा पानी न पिएं ताकि आपको बाथरूम जाने के लिए उठना न पड़े.
सही खानपान और सप्लीमेंट्स
कुछ सप्लीमेंट्स और खाने-पीने की चीजें जोड़ों के दर्द को कम करने में मदद करते हैं. ओमेगा-3 फैटी एसिड, हल्दी, अदरक और हरी पत्तेदार सब्जियों को डाइट में शामिल करने से एनर्जी मिलती है और बॅाडी मूवमेंट्स भी आराम से हो जाते हैं.
हल्की मसाज
हल्की मसाज से मांसपेशियों में ब्लड फ्लो बढ़ जाता है, सूजन कम हो जाती है और दर्द से राहत मिलती है.