
कई लोग अपने बढ़े हुए वजन से परेशान रहते हैं और उसे कम करने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं. लेकिन एक लड़का ऐसा भी है जिसे अपने बढ़े हुए वजन से कोई परेशानी नहीं है. हम बात कर रहे हैं ऐसे ही 19 साल के एक लड़के की, जिसका वजन करीब 120 किलो है. यह लड़का इंस्टाग्राम इंफ्लूएंसर है और उसे अपने बढ़े हुए वजन से कोई समस्या नहीं है. Aajtak.in से बात करते हुए इस लड़के ने अपने बारे में और बढ़े हुए वजन के बारे में बातें शेयर कीं. इस लड़के का इतना अधिक वजन कैसे बढ़ा है, इस बारे में हमने फोर्टिस हॉस्पिटल की डॉक्टर से भी बात की. तो आइए पहले जानते हैं यह लड़का कौन है और इसकी लाइफस्टाइल कैसी है?
कौन है यह लड़का

19 साल के इस लड़के का नाम मधुसूदन भारती (Madhusudan Bharti) है जो कि महाराष्ट्र के नांदेड़ का रहने वाला है. मधुसूदन वीडियो क्रिएटर है और उसके डांस वीडियोज और रील्स काफी वायरल होती हैं. Aajtak.in से बात करते हुए मधुसूदन ने बताया, "हमारी फैमिली में 4 लोग हैं और एक बहन की शादी हो गई है. हमारी फैमिली में पिताजी के अलावा सभी का वजन इतना अधिक है. मेरे पिताजी की साइकिल रिपेयरिंग की दुकान है और मां घर पर ही रहती हैं. हमारे परिवार का गुजारा सिर्फ पिताजी की दुकान से ही होता है. "
ऐसे बढ़ा था वजन
मधुसूदन ने बताया, "हमारे परिवार में सभी का वजन अधिक है तो कभी मुझे अलग महसूस नहीं हुआ. दीदी, मम्मी और मैं सभी का वजन लगभग एक-जैसा था. अगर मेरी बात करें तो मेरा वजन शुरू से ही अधिक था. मेरा वजन भी हमेशा से ही इतना अधिक रहा है. फिर जैसे-जैसे उम्र बढ़ती गई, वैसे-वैसे मेरा वजन भी बढ़ता गया. आज मेरा वजन लगभग 120 किलो है. मुझे देखकर लगता है कि मुझे डेली रूटीन के काम करने में काफी समस्या होती होंगी लेकिन ऐसा नहीं है. मैं हर काम को बिना परेशानी के कर लेता हूं. मैं कॉलेज जाता हूं, डांस करता हूं और घर के भी काम करता हूं. लेकिन अभी तक मुझे कोई भी हेल्थ इश्यू का सामना नहीं करना पड़ा. हां, यह बोल सकते हैं कि मेरी फिटिंग के कपड़े नहीं मिलते तो उन्हें दर्जी से सिलवाता हूं."
ऐसी है मधुसूदन की डाइट

मधुसूदन ने बताया, "हम सभी का वजन देखकर सबको लगता है कि हम लोग काफी अधिक खाना खाते होंगे लेकिन ऐसा नहीं है. हम लोग सामान्य लोगों की तरह की खाना खाते हैं और हमें भूख भी नहीं लगती. अगर मेरी बात करें तो मैं सुबह नाश्ता करता हूं और उसके साथ ग्रीन टी पीता हूं. इसके बाद दोपहर के खाने में 2-3 चपाती के साथ सब्जी या दाल खाता हूं. शाम को एक कप चाय और फिर रात में भी 2-3 चपाती और सब्जी खाता हूं. बस यही मेरी डाइट है. इसके अलावा मैं कुछ नहीं खाता."
ऐसे पॉजिटिव रहते हैं मधुसूदन
मधुसूदन ने एक किस्से के बारे में बताते हुए कहा, "मुझे बचपन से ही डांस करने का काफी शौक था तो मैंने लॉकडाउन में अपने इंस्टाग्राम पर वीडियोज डालने शुरू किए. शुरुआत में उतना अच्छा रिस्पांस नहीं मिला था लेकिन अब मिलने लगा है. शुरुआती दिनों की बात है कि मेरे वीडियोज पर काफी कॉमेंट आते थे. जैसे, देखो हाथी नाच रहा है, मत नाच-धरती फट जाएगी, देखो हाथी का बच्चा दौड़ लगा रहा है, आदि. इन सभी कॉमेंट पर मैंने कभी ध्यान नहीं दिया. मैंने देखा है कई लोग जरा सी बात का बुरा मानकर बैठ जाते हैं. अगर मैं भी इन कॉमेंट पर ध्यान देने लगता तो शायद आज मैं यहां नहीं होता. पहले लोगों के नेगेटिव कॉमेंट आते थे फिर जब जैसे ही मेरे 1 लाख फॉलोवर्स पूरे हुए, ये चीजें कम होती गईं. आज भी मैं पूरी तरह पॉजिटिव हूं. मेरे मन में लोगों के कॉमेंट को लेकर और मेरे बढ़े हुए वजन को लेकर कोई भी नेगेटिव बात मन में नहीं है.”
मोनोजेनिक मोटापा है कारण: डॉ. श्वेता बुदियाल
मधुसूदन के केस के बारे में जब Aajtak.in ने मुलुंड (मुंबई) फोर्टिस अस्पताल की एंडोक्रिनोलॉजी और डायबिटीज विशेषज्ञ डॉ. श्वेता बुदियाल (Dr Sweta Budiyal) से बात की तो उन्होंने बताया, "दुनिया भर में कई लोग आनुवांशिक मोटापा से ग्रसित होते हैं. मोटापे के इस प्रकार को कम करना काफी मुश्किल होता है. मोटापा किसी व्यक्ति के भूख से संबंधित एक जीन के म्यूटेशन (रूप बदलने) के कारण होता है. जीन के रूप बदलने से आनुवांशिक प्रवृत्ति बन जाती है और वह जीन म्यूटेट होने के बाद अगली पीढ़ी में पहुंच जाता है, इसे मोनोजेनिक मोटापा (Monogenic obesity) कहते हैं. मोनोजेनिक मोटोपा वेट रेगुलेट करने वाले हार्मोन के म्यूटेशन के कारण होता है. यह हार्मोन मधुसूदन को उसकी मां से आया है. इस कारण तीनों बच्चों का वजन इतना अधिक है.”
डॉ. श्वेता ने आगे बताया, “आमतौर पर मोनोजेनिक मोटोपा के बारे में बच्चे के जन्म के 6 महीने के अंदर ही पता लग जाता है क्योंकि अगर किसी बच्चे में आनुवांशिक मोटापा के जीन आ जाते हैं तो वह तुरंत अपना असर दिखाना शुरू कर देते हैं. शुरुआत के 1-2 साल में बच्चों को काफी भूख भी लगती है. इस दौरान बच्चों का मेटाबॉलिज्म काफी स्लो होता है जिस कारण से वह जो भी खाते हैं, वह फैट के रूप में शरीर में जम जाता है. जेनेटिक टेस्टिंग से उनके मोनोजेनिक मोटोपा के बारे में डिटेल पता लगाया जा सकता है. लाइफस्टाइल सुधारकर, वेट लॉस मेडिसिन, बैरिएट्रिक सर्जरी से इसका इलाज किया जा सकता है. मधुसूदन और उसकी फैमिली को वजन बढ़ने के मामले में किसी डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए.”
डॉ. श्वेता कहती हैं, “मधुसूदन की उम्र अभी कम है इसलिए उसे मोटापे से संबंधित समस्याएं समझ नहीं आ रही हैं. अगर वह अपना बॉडी चैकअप कराएगा तो सामने आएगा कि उसे कौन-कौन सी समस्याएं हो चुकी हैं. अगर समय रहते इलाज ना किया गया तो फैटी लिवर, डायबिटीज, सांस संबंधित समस्याएं आदि भी मधुसूदन को हो सकती हैं.