बारिश का मौसम आते मच्छरों से पैदा होने वाली बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है. डेंगू, मलेरिया और चिकुनगुनिया के बढ़ते खतरे को देखते हुए रेलवे के सहयोग से 'मॉसक्यूटो टर्मिनेटर ट्रेन' दिल्ली में चलाई जाएगी. ये रेलवे लाइन के आस-पास के इलाको में पावर स्प्रेयर से कीटनाशक दवा का छिड़काव करेगी. ये ट्रेन नई दिल्ली से शुरू होकर, पुरानी दिल्ली, सदर बजार, सब्जी मंडी स्टेशन, अजादपुर, बादली और नरेला में रेलवे लाइन के पास कीटनाशक दवा का छिड़काव करेगी.
बरसात के दिनों में रेलवे लाइन के आस-पास गड्ढों में पानी भर जाता है, जिसमें मॉसक्यूटो ब्रीडिंग पाए जाने की संभावना बढ़ जाती है. जन स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस अभियान में प्रयोग की जा रही कीटनाशक दवा इको-फ्रेंडली है जिससे लोगों के स्वास्थ्य और वातावरण को कोई नुकसान नहीं होता है. उत्तरी दिल्ली के मेयर राजा इकबाल सिंह ने मॉसक्यूटो टर्मिनेटर ट्रेन को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.
डेंगू के बढ़े मामले
आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल की तुलना में डेंगू के मामले इस साल 66 फीसद बढ़े हैं. जबकि मलेरिया के 8 नए मामले सामने आए हैं. निगम की रिपोर्ट कहती है कि पिछले तीन सालों में इस साल डेंगू के मामले अधिक हैं. पिछले साल 17 अगस्त तक डेंगू के 41 और 2019 में इसी समय तक 57 मामले दर्ज हुए थे. लेकिन इस बार डेंगू के 68 मामले दर्ज हो चुके हैं. अगर बाहरी राज्यों से आए मामलों को मिला लिया जाए तो डेंगू के 79 मामले हो जाएंगे.
डॉ एल.एन. वर्मा का कहना है कि बारिश के कारण जमा हुए पानी की वजह से मच्छर पनप रहे हैं. साफ पानी में डेंगू के मच्छर पैदा हो रहे हैं तो गंदे पानी में मलेरिया के मच्छर. बारिश के बाद बढ़े खतरे से निपटने के लिए बचाव ही उपाय है, क्योंकि डेंगू के खिलाफ एंटीवायरल दवा नहीं है और ना ही इसकी कोई वैक्सीन है.
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