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COVID-19 से रिकवरी के बाद भूल कर भी न खाएं ये चीजें, नहीं तो बनी रहेगी कमजोरी और थकान

Post COVID-19 diet : कोरोना से रिकवरी के बाद भी शऱीर में कुछ समय तक कमजोरी, थकान भूख की कमी जैसे लक्षण नजर आते हैं. यह लॉन्ग कोविड के भी लक्षण हो सकते हैं. रिकवरी के बाद कुछ तरह की चीजों के सेवन से बचना चाहिए, जिससे शरीर में खोई हुई कमजोरी वापस आ सके.

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(Image Credit : Pixels)
(Image Credit : Pixels)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कोरोना से रिकवरी के बाद भी कमजोरी बनी रहती है
  • डॉक्टर्स रिकवरी के बाद अच्छी लाइफ स्टाइल रखने की सलाह देते हैं
  • रिकवरी के बाद कुछ चीजों के सेवन से बचना चाहिए

अगर आप भी उन लोगों में से हैं, जो कोरोना वायरस (COVID-19) के संक्रमण से ठीक हो चुके हैं, तो इस बात को काफी अच्छे से समझ सकते हैं, कि कोरोना से रिकवरी के बाद कैसा महसूस होता है? रिकवरी के बाद लंबे समय तक मुंह का स्वाद अच्छा नहीं रहता, कमजोरी बनी रहती है, भूख नहीं लगती आदि. एक रिसर्च के मुताबिक, कुछ लोगों में रिकवरी के 10 दिन बाद भी लक्षण बने रहते हैं, तो कुछ में 68 दिन तक. रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद भी जो लक्षण नजर आते हैं, उन्हें लॉन्ग कोविड लक्षण की श्रेणी में रखा जाता है.

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भले ही संक्रमण चला गया हो, लेकिन शरीर को पहले जैसी स्थिति में आने में समय लगता है. रिकवरी के बाद वापस पहले जैसी स्थिति में आने के लिए अच्छी डाइट (Healthy diet) और अच्छी लाइफस्टाइल (Good lifestyle) फॉलो करना चाहिए. वहीं COVID के बाद कुछ प्रकार के उत्पादों या खाद्य पदार्थों (Food product) को खाने से भी बचना चाहिए, नहीं तो शरीर को पहले जैसी स्थिति में आने में और खोई हुई एनर्जी वापस लाने में समय लग सकता है. अगर आप भी कोरोना से रिकवर हुए हैं, तो नीचे बताए हुए फूड प्रोडक्ट को खाने से बचें.

बाहर का खाना खाने से बचें 

एक्सपर्ट हमेशा यही सलाह देते हैं, कि कोरोना से रिकवरी के बाद भी कुछ महीनों तक घर के खाने को ही अहमियत देनी चाहिए और बाहर के खाने से पूरी तरह बचना चाहिए. दरअसल, बाहर के खाने के बारे में यह नहीं पता होता कि वह कब बना हुआ है और उसमें क्या-क्या मिलाया गया है. हो सकता है, खाने में कुछ ऐसे मिलावटी पदार्थ का इस्तेमाल हुआ हो, जो सेहत के लिए अच्छा नहीं हो, इसलिए बाहर खाने से बचें. 

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कुकीज, केक और चॉकलेट से बचें

(Image Credit : Pexels)

कुकीज, केक, चॉकलेट, कार्बोनेटेड ड्रिंक, प्रोसेस्ड फ्रूट जूस और अन्य मीठे पेय में काफी अधिक मात्रा में चीनी होती है. वहीं कुछ कंपनियां अपने प्रोडक्ट में कृत्रिम मिठास का भी इस्तेमाल करती हैं, जो शरीर के लिए बेहद हानिकारक होती है. इसलिए इनके सेवन से भी बचें. 

पैकेट वाले फूड के इस्तेमाल से बचें

प्रोसेस्ड फूड वे होते हैं, जिन्हें रखने के लिए मेकेनिकल और केमिकल प्रोसेसिंग की जाती है और जो बाजार में डिब्बे या पैकेट में आते हैं. आजकल बिजी समय के कारण अक्सर लोग मार्केट से प्रोसेस्ड फूड खरीद कर इस्तेमाल करते हैं. आपने देखा होगा कि मांस, मटर, कॉर्न और अन्य खाद्य पदार्थ को केमिकल प्रोसेसिंग के बाद बॉक्स में बेचा जाता है, जिससे उन्हें अधिक समय तक प्रयोग किया जा सकता है. इसलिए फ्रॉजन या प्रोसेस्ड मीट, सॉसेज या किसी अन्य फ्रोजन फूड का सेवन करने से भी बचें.
 
ट्रांस फैट वाले उत्पादों से बचें

फैक्ट्रियों में बनने वाले ट्रांस फैट वाले प्रोडक्ट के सेवन से बचें. इसमें डालडा, फ्रोजन पिज्जा, तला हुआ भोजन, पाई, कुकीज आदि शामिल होते हैं, इसलिए ऐसे फूड का सेवन करने से बचें. 

हल्का भोजन करें

घर में भोजन करने का मतलब ये नहीं कि घर में पुड़ी, पराठे, भटूरे, समोसे बनाकर खाएं. घर में खाने का मतलब है, कि घर में भी ऐसे फूड का सेवन करें जो कि ताजा हो और आसानी से पचने योग्य भी हो. क्योंकि ऐसा भोजन जल्दी पचता है. जिससे एनर्जी में जल्दी आ सकती है. 

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