धौलाधार महोत्सव के दौरान हिमाचल प्रदेश में पौधे वितरित किए. कला, साहित्य, खाद्य और साहसिक पर्यटन महोत्सव के साथ पर्यावरण संवर्धन के लिए जोरदार संदेश दिया. धौलाधार महोत्सव में देश की नामचीन हस्तियों ने भी हिस्सा लिया. इसमें राष्ट्रीय,अंतरराष्ट्रीय लेखकों, चिंतकों और प्रकाशकों, संगीत, सिनेमा और मीडिया जगत से जुड़े लोगों के साथ-साथ पर्यावरण कर्मियों नें शिरकत की.
पौधा वितरण के साथ-साथ वृक्षारोपण
धौलाधार महोत्सव में 'गीव मी ट्रस्ट ट्रीज़' के प्रशिक्षित पर्यावरण कर्मियों ने धौलाधार महोत्सव में आए लोगों को किचन गार्डनिंग के पैकेट, कम्पोस्ट खाद और इंडोर प्लांट गिफ्ट किए. साथ ही साथ हरियाली बढ़ाने से जुड़े इन सामानों को कैसे उपयोग में लाया जाए, इसके बारे में भी विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि महिला और बुजुर्ग जो घरों से बाहर नहीं निकलते है, वे अपने फ्लैट की बालकनी और छत पर छोटे पौधे उगाकर ऑक्सीजन बढ़ाने का उपाय कर सकते हैं.
घर के अंदर भी डेकोरेशन बढ़ाने वाले पौधे लगाकर पहल की जानी चाहिए. इससे भी घर की सुंदरता के साथ घर के अंदर ऑक्सीजन का प्रवाह सुनिश्चित किया जा सकता है. 21 मार्च को 'इंटरेशनल फॉरेस्ट डे' के अवसर पर धौलाधार महोत्सव में उपस्थित लोगों ने पहाड़ पर ट्रैकिंग का लुत्फ उठाया और साथ ही साथ पौधारोपण का कार्य भी किया. क्षेत्रीय लोगों का कहना था कि धौलाधार के जंगलों में समय-समय पर आग लगने से भी विगत वर्षों में काफी नुकसान हुआ है.
'गीव मी ट्रस्ट ट्रीज़' से जुड़े लोग हर खास मौकों पर पौधा वितरण का कार्य करते हैं. साथ ही लोगों से पर्यावरण संवर्धन अभियान से जुडने की अपील करते हैं. ये जन्मदिवस या किसी भी शुभ दिवस को हरियाली दिवस के रूप में सेलिब्रेट करने की अपील करती है. इस अभियान का नारा 'हर ओर हरियाली, हर घर खुशहाली' और इसका लक्ष्य सम्पूर्ण हरियाली रखा गया है. अगर देश का हर व्यक्ति अपने जन्मदिवस को हरियाली दिवस के रूप में मनाने का कार्य करता है तो देश में पेड़-पौधों की संख्या खुद-ब-खुद बढ़ जाएगी.