भारत के जिस भी कोने में जाएंगे वहां के स्ट्रीट फूड (Street food) और अलग-अलग तरह के खाने की काफी खासियतें होती हैं. चाऊमीन (Chowmein), मंचूरियन (Manchurian), हॉट डॉग (Hot Dog), एक्स्ट्रा चीज सैंडविच (Extra Cheese Sandwich), पिज्जा (Pizza), मोमोज (Momos) आदि खाना अधिकतर लोग पसंद करते हैं. इन फूड प्रोडक्ट को कुछ लोग घर में बनाकर भी खाते हैं.
जो लोग रोजाना या हर 1-2 दिन में इस तरह के फूड का सेवन करते हैं, उनके लिए ऐसे फूड का सेवन करना हाई कोलेस्ट्रॉल (High cholesterol) और हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) का कारण बन सकता है. इसके अलावा ये अनहेल्दी फूड हार्ट प्रॉब्लम, वजन बढ़ना, किडनी समस्या, मुंहासे, पेट संबंधिक समस्याएं आदि का कारण बन सकते हैं.
द अटलांटिक की 2013 की रिपोर्ट के अनुसार, 10 में से 9 अमेरिकी खुद को स्वस्थ मानते हैं, लेकिन रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के अनुसार, फिर भी दो-तिहाई अमेरिकी वयस्क अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त हैं. इसका कारण उनका गलत खान-पान है. ऐसा ही भारतीयों के साथ है, क्योंकि हम लोग खाते अधिक हैं और फिजिकल एक्टिविटी काफी कम करते हैं. जिस कारण शारीरिक समस्याएं हो जाती हैं.
इसलिए हमेशा ऐसे फूड्स का सेवन करने से बचना चाहिए, जो कि इतनी सारी शारीरिक समस्याएं पैदा करते हैं और जिन्हें शरीर के लिए अच्छा नहीं माना जाता. अगर आप भी स्वस्थ रहना चाहते हैं, तो आज हम आपको कुछ ऐसे अनहेल्दी खाद्य पदार्थों के बारे में बता रहे हैं, जिनका सेवन करने से बचना चाहिए.
चिप्स (Chips)
इंडिया में अधिकतर लोग भूख लगने पर मार्केट से चिप्स लेकर भूख मिटा लेते हैं, जो कि सेहत को काफी नुकसान पहुंचाते हैं. एक्सपर्ट बताते हैं कि चिप्स काफी अनहेल्दी होते हैं, इसलिए इसका सेवन नहीं करना चाहिए. इनमें न्यूट्रिशन न के बराबार होते हैं. वहीं इसमें सोडियम और फैट काफी अधिक मात्रा में पाया जाता है, जो कि कई शारीरिक समस्याओं का कारण बनता है. इसके अलावा इनमें कैलोरी काफी अधिक होती है, जो शरीर में चर्बी बढ़ाकर वजन बढ़ा सकती है.
चिप्स को जिस तेल में डीप फ्राई गया है, हो सकता है वह तेल स्वास्थ के लिए हानिकारक हो. अब उन्हें बनाने के लिए कौन से तेल का इस्तेमाल किया गया है, यह तो चिप्स बनाने वाली कंपनी ही जानती है.
अधिक चीनी वाले पदार्थ (High sugar foods)
मार्केट में मिलने वाले खाद्य पदार्थों में काफी अधिक मात्रा में चीनी होती है, जो कि सेहत को नुकसान पहुंचाती है. डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों वाले कुछ प्रोडक्ट के न्यूट्रिशन लेवल पर चीनी की मात्रा लिखी होती है. अगर आपको प्रोडक्ट के लेवल पर एक्स्ट्रा चीनी जोड़े जाने का लेवल मिले, तो ऐसे फूड का सेवन न करें. सिर्फ नेचुरल शुगर जो कि फल, गुड़, दूध आदि में होती है, उनका ही सेवन करें.
अधिक चीनी का सेवन करने से मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, हार्ट प्रोब्लम्स, हार्मोन का बिगड़ा संतुलन जैसी कई समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए एक्सपर्ट चीनी काफी कम मात्रा में खाने की सलाह देते हैं. बल्कि कुछ एक्सपर्ट सफेद चीनी की जगह गुड़ या शहद का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं.
प्रोसेस्ड ऑयल वाले फू़ड प्रोडक्ट (Processed oil food products)
प्रोसेस्ड / प्रसंस्करण ऑयल को विभिन्न रासायनिक और तकनीकी प्रक्रिया से गुजारा जाता है एवं प्रसंस्करण के दौरान इन्हें अत्यधिक उच्च तापमान पर गर्म किया जाता है, जो तेलों का ऑक्सीकरण करता है. ऑक्सीकरण से शरीर में हानिकारक सिंगल सेल कोशिकाएं पैदा होती हैं, जो स्वस्थ कोशिकाओं पर हमला करके शरीर को नुकसान पहुंचाती हैं. इसलिए प्रोसेस्ड ऑयल में बने फूड्स के सेवन से बचना चाहिए.
एक्सपर्ट भी प्रोसेस्ड ऑयल में बने फूड्स का सेवन न करने की सलाह देते हैं. सोयाबीन, कैनोला, मक्का और वनस्पति तेल जैसे प्रोसेस्ड ऑयल आम तौर पर सेहत के लिए नुकसानदायक होते हैं.
हाइड्रोजन फैट वाले फू़ड प्रोडक्ट (Hydrogen fat food products)
अधिकतर पैकेज्ड खाद्य पदार्थों और फास्ट फूड उत्पादों में हाइड्रोजनीकृत फैट पाया जाता है. यह ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें प्रोडक्ट में हाइड्रोजन मिलाई जाती है, जिससे प्रोडक्ट निश्चित रूप में जम जाता है.
इसमें कोई स्वाद नहीं होता, लेकिन इससे खाद्य पदार्थ की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे कंपनी को इस प्रोडक्ट पर कम लागत आती है. एक्सपर्ट के मुताबिक, हाइड्रोजनीकृत फैट मृत्यु दर को बढ़ा सकता है और कई शारीरिक समस्या पैदा कर सकता है. इसलिए इसका सेवन करने से बचें.
अगर कोई मार्केट से कोई फूड प्रोडक्ट लें तो उसका लेवल देखें. अगर किसी प्रोडक्ट में Hydrogenated fats लिखा रहे तो उसका सेवन न करें. पीनट बटर के अधिकतर पैकेट्स पर Hydrogenated fats लिखा होता है, जो फायदे से अधिक नुकसान करता है.
रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट (Refined carbohydrate)
रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, शरीर के लिए बिल्कुल फायदेमंद नहीं होते. इसलिए एक्सपर्ट हमेशा इसके सेवन न करने की सलाह देते हैं. रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट में काफी कम मात्रा में पोषक तत्व पाए जाते हैं. यह शरीर में कैलोरी की मात्रा बढ़ा देते हैं और इनसे कोई न्यूट्रिशन भी नहीं मिलता.
रिफाइंड कार्ब वाले उत्पाद शरीर में सूजन को बढ़ावा देने के लिए जाने जाते हैं. इनमें शुगर काफी अधिक होती है, जिससे मोटापा के साथ कई समस्याएं जन्म लेती हैं. इसलिए रिफाइंड कार्ब का सेवन करने से बचें. इनमें सफेद ब्रेड, पेस्ट्री, पिज्जा, सफेद पास्ता आदि शामिल हैं.
सॉसेज (Sausages)
मार्केट में अलग-अलग तरह की डिश को टेस्टी बनाने के लिए काफी वैरायटी के सॉस उपलब्ध हैं. इन सॉसेज में काफी तरह के हानिकारक कैमिकल मिले होते हैं, जिससे डिब्बा बंद पैकेट में ये लंबे समय तक खराब नहीं होते. इनका सेवन करना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है, इसलिए इनके सेवन से भी बचें.