पूरी दुनिया में कोरोना (Corona virus) से संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, जिन लोगों में विटामिन-डी (Vitamin D) की कमी होती है, उनमें कोरोना संक्रमण के खतरे की संभावना 60 फीसदी तक रहती है. एक्सपर्ट दावा करते हैं कि विटामिन-डी ना सिर्फ हमारे इम्यून सिस्टम को दुरुस्त रखता है, बल्कि शरीर में इंफेक्शन से लड़ने वाले टी-सेल्स (T Cells) और मैक्रोफेजिस को भी बूस्ट करता है.
यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो ने अपने एक नए शोध में बताया कि जिन लोगों में विटामिन-डी की कमी थी, उनमें से करीब 20 प्रतिशत लोग कोविड-19 पॉजीटिव पाए गए हैं. वहीं, जिन लोगों में विटामिन-डी की कमी नहीं थी, उनमें सिर्फ 12 प्रतिशत लोग ही संक्रमण की चपेट में आए. हालांकि कुछ एक्सपर्ट विटामिन-डी और कोविड-19 (Covid-19) के बीच कनेक्शन खंगालने पर विश्वास नहीं कर रहे हैं.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
कुछ डॉक्टर्स का कहना है कि विटामिन-डी रक्षा कवच बनकर इस बीमारी से इंसान का बचाव नहीं कर सकता. जबकि नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि शरीर में विटामिन-डी के पर्याप्त लेवल होने से कोरोना का जोखिम काफी हद तक कम हो सकता है. हालांकि ये साबित करने के लिए कुछ क्लीनिकल ट्रायल्स करने होंगें. इसके बाद ही इस पर स्पष्ट कुछ कहा जा सकता है.
शोधकर्ताओं ने सूर्य की किरणों को विटामिन-डी का अच्छा स्रोत बताया है, जो स्किन से दाखिल होकर शरीर में विटामिन की कमी को पूरा करती है. बता दें कि कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में आने के बाद डॉक्टर्स सामान्य हालातों में मरीजों को विटामिन-सी दे रहे हैं. हालांकि गंभीर रूप से पीड़ित व्यक्ति को डॉक्टर्स की सलाह के बाद ही ये दवा दी जा सकती है.