
सुस्त लाइफस्टाइल, पैदल कम चलना, फास्ट फूड का अधिक सेवन करना, पैकेट वाले फूड, अतिरिक्त कैलोरी आदि मोटापे के मुख्य कारणों में शामिल हैं. कुछ समय पहले 'द इंडिया डायबिटीज' स्टडी में कहा गया था कि भारत में लगभग 15.3 करोड़ लोग मोटापे का शिकार हैं. वजन कम करने को काफी मुश्किल काम माना जाता है, लेकिन अगर मेहनत सही दिशा में की जाए तो कोई इंसान वजन कम कर सकता है. लेकिन हां, अगर मेहनत सही दिशा में नहीं होगी, तो कितनी भी कोशिश कर ली जाए, वजन कम नहीं होगा. और अगर हुआ भी तो वह वजन फैट के रूप में कम नहीं होगा, बल्कि वह मसल्स के रूप में कम होगा, जो कि शरीर के लिए काफी नुकसानदायक होता है.
आज हम आपको एक ऐसी वर्किंग वुमन की ट्रांसफॉर्मेशन जर्नी के बारे में बता रहे हैं, जिन्होंने अपना 27 किलो वजन किया है. जो कहते हैं कि शादी के बाद महिलाओं का वजन कम नहीं हो सकता या फिर उन्हें वजन कम करने के लिए समय नहीं मिल पाता, वे लोग इस स्टोरी से सीख सकते हैं, कि जॉब और फैमिली संभालने के साथ-साथ कैसे वजन किया जा सकता है. तो आइए वेट लॉस जर्नी के बारे में जानते हैं.
नाम : अनु बठला (Anu Bathla)
उम्र : 34 साल
काम : लेक्चरर
शहर : गुड़गांव
लंबाई : 5 फुट 4 इंच, 162 cm
अधिकतम वजन : 85 Kg
वर्तमान वजन : 58 Kg
अधिकतम BMI : 32.44
वर्तमान BMI : 22.13
फ्यूचर प्लान : 6 पैक एब्स बनाना
85 से 58 किलो तक फिटनेस जर्नी (Fitness journey from 85 to 58 kg)
अनु बठला ने Aajtak.in से बात करते हुए बताया कि वे बचपन से ही टेडी बियर जैसी चबी हुआ करती थीं, लेकिन उन्होंने कभी ऐसा नहीं सोचा था कि वे वजन कम करेंगी और खुद का वजन कम करने के बाद दूसरों को भी फिट बनाने में मदद करने लगेंगी.
उन्होंने आगे बताया कि प्रेग्नेंसी के बाद बच्चा होने पर उसे संभालना, घर के काम करना और टीचिंग की जॉब के कारण मैं खुद पर ध्यान नहीं दे पाती थी, जिससे मेरा वजन लगभग 85 किलो हो गया था. फिर कुछ समय बाद मुझे महसूस हुआ कि मेरा वजन कुछ ज्यादा ही बढ़ गया है, तो मैंने वजन करने का सोचा और मैंने इंटरनेट पर वजन कम करने के तरीके सर्च किए.
सुबह खाली पेट गर्म पानी में नींबू डालकर पीने से ग्रीन टी पीने तक, मैंने हर तरीके को अपनाया. यहां तक कि इंटरनेट पर मौजूद कई तरीके की डाइट जैसे, कीटो डाइट, जीएम डाइट, 5-बाइट डाइट, रेनबो डाइट, पेलियो डाइट हर तरह की डाइट को भी फॉलो किया. लेकिन मुझे कोई खास अंतर नहीं दिखा.
इसके बाद मैंने जिम ज्वाइन किया, तो वहां एक लोकल ट्रेनर ने बताया कि वजन कम करने के लिए मुझे फैट बर्नर (फैट कम करने वाले कैप्सूल) लेने को कहा. मुझे उस समय तक इतनी जानकारी नहीं थी, जिस कारण मैंने वह कैप्सूल भी लिए. उन्हें लेने के बाद मेरा वजन अचानक से कुछ किलो कम हुआ, लेकिन कुछ समय बाद वापस बढ़ गया.
इसके बाद लॉकडाउन लग गया और खाली समय में मैंने वेट लॉस के तरीके और उसके पीछे के विज्ञान के बारे में पढ़ना शुरू किया. जिससे मुझे पता लगा कि वेट लॉस के लिए मेरी कोशिश गलत दिशा में हो रही थी. इसके बाद मैंने सर्टिफाइड कोच सचिन कुमार से बात की और उन्होंने मुझे डाइट और वर्कआउट प्लान दिया. उन्होंने मुझे जो डाइट और वर्कआउट प्लान दिया, उसे मैंने फॉलो करना शुरू किया और कुछ ही समय में मेरा वजन कम होने लगा.
अपना वजन कम होता हुआ देख, मुझे अंदर से मोटिवेशन मिल रहा था, जिससे मैं और मेहनत करने के लिए मोटिवेट होती गई. फिर धीरे-धीरे लगभग 2 साल में मैंने अपना 27 किलो वजन कम कर लिया. जहां मेरा वजन 85 किलो हुआ करता था, आज मेरा वजन 58 किलो रहता है और मैंने 1 साल से वही वजन को मेंटेन किया हुआ है.
फॉलो करती थीं ये डाइट प्लान
अनु बताती हैं कि मैं हमेशा से अपनी मेंटनेंस कैलोरी से 200-300 कैलोरी कम खाती आ रही हूं. मैं सिर्फ यह देखती थी कि मुझे कितनी कैलोरी लेनी है. मैं दिन में 2 बार खाना भी खा सकती थी या फिर 6 बार भी. लेकिन मैंने 1 दिन में खाने वाली कैलोरीज को 4 हिस्सों में बांटा और दिन में 4 बार छोटे-छोटे भाग में खाना खाती थी. मुझे पराठे काफी पसंद है, इसलिए मैं गेहूं और सोयाचंक को पीस लेती थी और दोनों को मिलाकर उस आटे के पराठे बनाकर खाती थी. कभी-कभी उनके अंदर हरी-सब्जी की स्टफिंग भी करती थी. हां घी या बटर को सिर्फ 10 ग्राम ही लेती थी, ताकि अधिक कैलोरी न हो.
इसके अलावा सुबह उठते ही 1 लीटर पानी पीती थी और उसके बाद 1 कप ब्लैक कॉफी या ग्रीन टी पीती थी. इसके बाद मेरा वर्कआउट शुरू होता था.
ब्रेकफास्ट (Breakfast)
स्नैक्स (Snacks)
लंच (Lunch)
स्नैक्स (Snacks)
डिनर (Dinner)
अनु आगे बताती हैं, कि जैसे-जैसे मेरा वजन कम होता गया, वैसे-वैसे मैं फूड की मात्रा कम करती गई, क्योंकि वजन कम करने के लिए मेंटनेंस कैलोरी से कम खाना होता है.
होम एक्सरसाइज से किया वजन कम (Lose weight with home exercise)
अनु बताती हैं कि जब उन्होंने अपनी फिटनेस जर्नी शुरू की थी, तब लॉकडाउन चल रहा था, इसलिए वे होम वर्कआउट ही करती थीं. उनका अधिकतर वेट होम एक्सरसाइज से ही कम हुआ था. उनकी बेटी काफी छोटी है, इसलिए संक्रमण फैलने के कारण वे जिम नहीं जाती थीं, क्योंकि जिम सबसे संक्रमित जगहों में से एक होती है.
आगे बताती हैं, कि मैं रोजाना सुबह 5 बजे उठकर वर्कआउट करती थी. वर्कआउट में अधिकतर एक्सरसाइज को बॉडी वेट से ही करना होता था. जिनमें जंपिंग जैक, पुश-अप, बर्पी, माउंटेन क्लाइंबिंग, क्रंचेज जैसी बेसिक एक्सरसाइज ही होती थीं. इसके अलावा डम्बल से कुछ वर्कआउट करने होते थे. जिसमें डेडलिफ्ट, स्क्वॉट, बेंच प्रेस, शोल्डर प्रेस, बाइसेप्स कर्ल शामिल थीं.
इसके अलावा मैं रोजाना घर में ही 10 हजार कदम चलती थी. कभी फोन पर बात भी करनी होती थी, तो मैं बैठकर नहीं करती थी, वीडियोज देख रही हूं तो भी घर में घूमते-घूमते ही देखती थी. इससे पैदल स्टेप्स बढ़ाने में मुझे मदद मिलती थी. दिमाग को रिलैक्स करने के लिए कभी-कभी योग और मेडिटेशन भी किया करती थी.
वजन कम करने के लिए टिप्स (Tips to lose weight)
अपना वजन कम करने के बाद अनु खुद फिटनेस ट्रेनर बन गई हैं. उन्होंने बताया कि वजन कम करना उतना भी मुश्किल काम नहीं है, जितना कि सब सोचकर बैठे हैं. हां जो लोग मेहनत नहीं करना चाहते, अपने खाने पर कंट्रोल नहीं करना चाहते, उनके लिए कठिन हो सकता है.
मैंने अपनी फिटनेस जर्नी से यही सीखा है कि मन में अगर ठान लो तो इंसान कुछ भी कर सकता है. वेट लॉस के दौरान मुझे कई बार निराशा हुई, लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी और फिर से आगे बढ़ी. इसलिए अगर आपमें से कोई भी वजन कम करना चाहता है, उसे बीएमआर से कम कैलोरी लेनी चाहिए, अगर जिम नहीं जा पा रहे हैं, तो कोई न कोई फिजिकल एक्टिविटी करनी चाहिए, या फिर होम एक्सरसाइज करनी चाहिए, पर्याप्त नींद लेना चाहिए, डाइट को अच्छी तरह से फॉलो करना चाहिए.
लंबे समय से चटपटा खाना खाते आ रहे लोग हेल्दी खाना खा-खाकर सभी बोर हो सकते हैं, तो आप फूड को बनाने की विधि बदल सकते हैं, जिससे नया स्वाद आएगा और खाने में भी मजा आएगा.
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