Weight Loss: क्या आपने कभी वेट लॉस की एक ऐसी तकनीक के बारे में सुना है जिसमें शरीर के कुछ हिस्सों को उंगली से दबाकर वजन घटाया जा सकता है. इस तकनीक को EFT यानी इमोशनल फ्रीडम टेक्निक कहते हैं, जिसमें शरीर के कुछ हिस्सों पर टैपिंग थैरेपी वजन कम करने में मददगार मानी जाती है. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फॉर्मूले के जरिए कई लोगों ने 5 महीने में करीब 30 पाउंड यानी करीब साढ़े 13 किलो वजन घटाया है.
क्या है इमोशनल फ्रीडम टेक्निक?
द टैपिंग सॉल्यूशन की लेखिका जेसिका ऑर्टनर कहती हैं, 'EFT एक स्ट्रेस रिलीफ टेक्निक है जो कि साइकोलॉजी और चीन की प्राचीन एक्यूप्रेशर थैरेपी का मिला-जुला रूप है. यह तकनीक शरीर में कोर्टिसोल नाम के स्ट्रेस हार्मोन का लेवल घटाती है, जो कि एन्जाइटी, वजन बढ़ने या नींद से जुड़ी दिक्कतों को बढ़ाने का काम करता है. इस टैपिंग टेक्निक से ना सिर्फ इंसान का वजन कम होता है, बल्कि स्ट्रेस और नींद से जुड़ी दिक्कतें भी कम होती हैं.'
टैपिंग टेक्निक लोगों को नकारात्मक भावनाओं पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित करती है. जैसे कोई अनसुलझी समस्या या कोई ऐसी बात जिसे लेकर वे चिंतित हों. इस दौरान शरीर की नौ खास जगहों पर 5-7 सात बार फिंगर टैपिंग की जाती है और किसी खास मुद्दे पर फोकस किया जाता है. शरीर के इन हिस्सों को मेरिडियन प्वॉइंट्स कहा जाता है.
कितनी कारगर ये तकनीक?
कुछ स्टडीज टैपिंग को स्ट्रेस कम करने की एक तकनीक मानती हैं. साल 2020 में अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन में प्रकाशित एक स्टडी का मूल्यांकन किया था. इसमें टैपिंग थैरेपी से 60 मिनट पहले और बाद में वॉलंटियर्स का स्ट्रेस लेवल चेक किया गया था. EFT के बाद एक्सपर्ट ने एन्जाइटी, डिप्रेशन समेत कई लक्षणों में सुधार देखा गया.
क्या टैपिंग करना सुरक्षित है?
टैपिंग के जरिए स्ट्रेस कम करना हानिकारक नहीं है. ऐसा करना बिल्कुल सुरक्षित है. लेकिन टैपिंग से वजन घटाने पर कोई रिसर्च नहीं हुई है, इसलिए इसे लेकर फिलहाल कोई दावा नहीं किया जा सकता है. इसमें सबसे अहम बात ये है कि EFT में कहीं भी न्यूट्रिशन और फूड के बारे में बात नहीं की गई है. एक्सपर्ट कहते हैं कि वजन घटाने के किसी भी तरकीब के साथ न्यूट्रिशन की समझ, खाने में सही चीजों का विकल्प, हेल्दी कुकिंग टेक्निक और पोर्शन साइज का पता होना बहुत जरूरी है.