शोधकर्ताओं ने कहा, 'कई स्टडी इस बात पर सहमत हैं कि कोरोना वायरस के मरीजों में वायरल लोड बहुत अधिक होता है. बीमारी के पहले सप्ताह में यानी लक्षण शुरू होने से लेकर दिन 5 दिनों तक मरीज सबसे अधिक संक्रामक रहता है. कई बार तो मरीज जब तक अपना टेस्ट कराता है, तक वो अपनी संक्रामक अवधि पार कर चुका होता है.'