वेनेजुएला में महंगाई की मार से HIV से पीड़ित मरीजों के लिए जिंदगी जीना दुश्वार हो गया है. बढ़ती महंगाई और दवाइयों के अभाव में एंटीरेट्रोवायरल ड्रग्स ना मिल पाने की वजह से अधिकतर मरीज एक पेड़ की पत्तियों पर निर्भर हो गए हैं. इस पेड़ का नाम guasimo है.
मरीज हर डोज के लिए इस पेड़ की 50 पत्तियों का इस्तेमाल करते हैं. वे इसे पानी में मिलाते हैं और फिर इस ग्रीन लिक्विड को पीते हैं.
डॉक्टर इस घरेलू उपचार पर सवाल खड़ा कर रहे हैं, लेकिन HIV मरीजों के पास औऱ कोई विकल्प नहीं बचा है.
HIV पॉजिटिव एक शख्स ने कहा, मेरे पास खोने को कुछ नहीं है. वह भी इसी ग्रीन लिक्विड का सहारा लेते हैं.
कई सालों तक एंटीरेट्रोवायरल्स राज्य द्वारा मुफ्त में दिए जाते थे. लेकिन देश की अर्थव्यवस्था संकट में पड़ने की वजह से आपूर्ति बंद हो गई. 5 महीनों तक दवा नहीं मिलने पर डॉक्टर ने पत्तियों वाले उपचार का सुझाव दिया.
इस शख्स ने बताया, मेरा मन कहता रहता है कि मैं मरने जा रहा हूं. मैं इस स्थिति में इसलिए पहुंचा हूं, क्योंकि सरकार ने दवा उपलब्ध नहीं कराई.
डॉ. कार्लोस पेरेज ने 2018 की शुरुआत में इस ट्रीटमेंट का सुझाव देना शुरू किया था, जब एंटीरेट्रोवायरल्स की किल्लत पड़ने लगी थी. वह मरीजों को दिल में दो बार इस जूस को पीने के लिए कहते हैं.
वह कहते हैं कि इन पत्तियों में पाया जाने वाला टैनिन एक बायोकेमिकल है, जिसमें एंटीवायरल गुण मौजूद होते हैं.
वेनेजुएला
ऑफिस ऑफ यूएन प्रोग्राम की रिपोर्ट के मुताबिक, 2016 में वेनेजुएला में
करीब 120,000 लोग HIV पॉजिटिव थे, जिसमें से 61 फीसदी एंटीरेट्रोवायरल्स ले
रहे थे.