उनका यह शोध प्रोफेसर नील फर्ग्युसन के एकदम विपरीत था, जिन्होंने लॉकडाउन ना किए जाने पर 5,00,000 मौतों की भविष्यवाणी की थी. प्रोफेसर गुप्ता ने टेलीग्राफ के माध्यम से कहा, 'ऐसा बिल्कुल ना सोचें कि रोगजनक वायरस द्वारा नियमित हमले ना झेलने से हम बेहतर स्थिति में आ सकते हैं.'