एक शोध से सामने आया है कि धार्मिक और आध्यत्मिक लोगों को ज्यादा पॉर्नोग्राफी की लत होती है. इन्हें इंटरनेट पर पॉर्न देखने की लत सामान्य लोगों की अपेक्षा कहीं अधिक होती है.
केस वेस्टर्न रिजर्व यूनिवर्सिटी की साइकोलॉजी की छात्र और इस शोध की मुख्य लेखक जोशुआ ग्रुब ने कहा, 'शोध में यह बात सामने आई और सबको चौंकाया, क्योंकि इसका असर नैतिक विश्वास पर पड़ता है.'
तीन शोध में, ग्रुब ने लोगों से उनके विश्वास की शक्ति, धार्मिक प्रथाओं, ऑनलाइन पॉर्न देखने की आदत और पॉर्न के बारे में नैतिक नजरिये पर सर्वेक्षण किया गया. एक शोध में पब्लिक यूएस यूनिवर्सिटी में 331 स्नातक से नीचे के छात्रों ने भाग लिया. दूसरे शोध में 97 धार्मिक संबद्ध विश्वविद्यालय के छात्रों और तीसरे में 208 वयस्कों से ऑनलाइन सर्वेक्षण किया गया.
इस सर्वेक्षण से सामने आया कि धार्मिक होने और पॉर्न देखने के बीच कोई संबंध नहीं है. हालांकि, इस अध्ययन से यह बात सामने आई कि धार्मिक लोगों में पॉर्नोग्राफी की लत ज्यादा है, ऐसे लोग ज्यादा ऑनलाइन पॉर्न फिल्में देखते हैं. यह शोध आर्काइव ऑफ सेक्शुअल बिहेवियर ( Archives of Sexual Behavior) में छपा भी है.