आपने लोगों को अक्सर यह कहते सुना होगा कि अच्छी लड़कियों को बुरे लड़के ही पसंद आते हैं. यहां बुरे लड़के से मतलब किसी क्रिमिनल से नहीं बल्कि अपनी पसंद को सबसे ऊपर रखने वालों से है. यानी ऐसे लड़के जो थोड़े टफ हों और अपनी शर्तों पर जिन्दगी जीते हों.
ये दूसरों के बारे में सोचने से पहले खुद के लिए सोचते हैं और इनके लिए इमोशन्स अधिक मायने नहीं रखते. वहीं एक अच्छा लड़का हर समय इस कोशिश में रहता है कि वो कैसे भी करके अपनी गर्लफ्रेंड को खुश रखे. लेकिन इनकी बजाय ज्यादातर लड़कियां राउडी और टफ लड़कों को ही पसंद करती हैं.
लड़कियों की इस आदत को लेकर कई तरह के अध्ययन किए गए हैं. मानव व्यवहार का अध्ययन करने वाले कुछ शोधकर्ताओं की मानें तो महिलाओं को लगता है कि वे बुरे से बुरे मर्द को सुधार सकती हैं. उन्हें ऐसा करने में थ्रिल महसूस होता है. आप इसे बच्चों सी आदत कह सकते हैं जिससे उनका मन उसी काम को करने का करता है, जिसके लिए उन्हें मना किया जाता है. उन्हें गलत चीज को करने में एक अजीब सी खुशी मिलती है. वहीं, इसके पीछे एक तर्क यह भी दिया जाता है कि अच्छी लड़कियां किसी बुरे लड़के को सुधारना अपनी जिम्मेदारी मानती हैं.
हालांकि अध्ययन में यह बात भी कही गई है कि लड़कियों का यह प्यार कुछ वक्त के लिए ही होता है और उम्र के एक पड़ाव के बाद उन्हें सीधे लड़के ही पसंद आते हैं. यही नहीं, लाइफ पार्टनर चुनते समय भी लड़कियां हमेशा उनकी भावनाओं को प्राथमिकता देने वाले किसी लड़के को ही चुनती हैं.