शादी के बाद हनीमून पर जाना एक ट्रेंड बनता जा रहा है. कुछ सालों पहले तक ये केवल देश तक ही सीमित था लेकिन अब लोग हनीमून मनाने के लिए दूसरे देशों में भी जाने लगे हैं. शादी की सारी परंपराएं और रीति-रिवाज पूरे करने के बाद कोई भी जोड़ा सबसे पहला काम यही करता है. पर क्या आपने कभी ये सोचा है कि हनीमून पर जाना इतना अहम क्यों है?
जब कोई जोड़ा शादी के बंधन में बंधता है तो उसे अपने समाज और घरवालों को देखते हुए तरह-तरह की रस्मों का पालन करना पड़ता है. पर हनीमून केवल उन दोनों के लिए होता है. हनीमून पर जाने का कारण केवल रिलेक्स होना नहीं है बल्कि यही वो वक्त होता है जब दांपत्य जीवन बंधे में दो लोग एक-दूसरे को ज्यादा से ज्यादा समझ पाते हैं.
हनीमून पर जाना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि ये वो वक्त होता है जब दो लोग एक-दूसरे पर भरोसा कायम करते हैं. इसके अलावा ऐसी और भी कई ऐसी वजहें हैं जिनसे पता चलता है कि हनीमून पर जाना जरूरी है:
1. शादी का मतलब ही धमाल और मस्ती से है. ये वो वक्त होता है जब आप अपने पार्टनर को इस बात का भरोसा दिलाते हैं कि आप जिन्दगीभर उसका हाथ और साथ नहीं छोड़ेंगे. इस जश्न को सेलीब्रेट करने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप अपने पार्टनर के साथ कुछ वक्त बिताएं. इसके लिए हनीमून से बेहतर कुछ भी नहीं.
2. अपने बेहद व्यस्त समय से कुछ वक्त निकालकर पार्टनर के साथ वक्त बिताना एक बहुत अच्छा आइडिया है. इससे आपका दो लोगों के बीच शारीरिक और मानसिक लगाव बढ़ता है. एक-दूसरे के साथ वक्त बिताकर आप दोनों एक-दूसरे को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे.
3. जब आप घर-परिवार और दोस्तों से दूर सिर्फ एक शख्स के साथ होंगे तो आपका पूरा ध्यान उसी पर होगा. यही वो वक्त है जब आप दोनों एक-दूसरे की पसंद और नापसंद और दूसरी बातों को जान सकते हैं.
4. शादी के बाद पहली बार आप दोनों साथ कहीं जा रहे हैं. ये वो यादें होंगी जिन्हें आप हमेशा सहेजकर रखेंगे.
5. शादी की भा्गदौड़ में थकावट हो ही जाती है. ऐसे में हनीमून पर जाना एक बहुत अच्छा आइडिया है. जहां से लौटकर आप खुद बिल्कुल फ्रेश महसूस करेंगे.