आपने अक्सर सुना होगा कि मर्दों को कमिटमेंट से डर लगता है. पर इस बात में कितनी सच्चाई है यह एक चर्चा का विषय है. एक पुरुष के लिए आजादी के कई मायने होते हैं. एक ओर जहां कुछ पुरुषों को शुरू-शुरू में रिश्ते में बंधे रहना पसंद होता है वहीं कुछ समय बाद उन्हें ही यह लगने लगता है कि उनका पर्सनल स्पेस खत्म हो रहा है.
कई पुरुषों को लगता है कि कमिटमेंट कर लेने के बाद उन्हें सब कुछ लड़की की मर्जी से करना पड़ेगा. यह बात उन्हें सबसे अधिक सताती है. हालांकि इस बात का कोई तार्किक कारण नहीं दिया जा सकता है कि आखिर लड़कों को कमिटमेंट से डर क्यों लगता है. लेकिन ऐसी वजहों से हटकर सोचें तो संभव है कि इन बातों की वजह से पुरुष कमिटमेंट करने से डरते हों :
1. पुरुष इस बात को सोचते ही नकरात्मक हो जाते हैं
कमिटमेंट शब्द सुनते ही ज्यादातर मर्दों के दिमाग में एक तस्वीर बन जाती है. उन्हें लगने लगता है कि कमिटमेंट के साथ ही उनकी आजादी खत्म हो जाएगी. वे जिम्मेदारियों के ख्याल से ही नकरात्मक हो जाते हैं.
2. ज्यादातर मर्दों को पसंद होता है फ्लर्ट करना
हालांकि सभी मर्द एक जैसे नहीं होते लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि अधिकतर पुरुषों को फ्लर्ट करना पसंद होता है. उन्हें लगता है कि एक बार किसी एक महिला के साथ कमिटमेंट कर देने के बाद उन्हें अपनी यह आदत छोड़नी पड़ेगी. इस डर से भी पुरुष कमिटमेंट करने से डरते हैं.
3. प्राथमिकता होती है कुछ और
अगर किसी पुरुष के लिए उसका करियर ही प्राथमिकता है तो भी वह कमिटमेंट करने से कतराएगा. ऐसे पुरुषों को कुछ देर तक फोन पर बात कर लेना, साथ में फिल्म देख आना और घूम आना तो पसंद होता है लेकिन वे किसी रिश्ते
में कमिटमेंट करने से बचना ही बेहतर मानते हैं.
4. दिल टूट जाने का डर
अगर लड़के का कोई बुरा पास्ट रह चुका है तो भी वह कमिटमेंट करने में देर करेगा. ऐसे पुरुषों को हमेशा डर होता है कि इस बार भी उनके साथ धोखा हो सकता है या फिर उनका दिल टूट सकता है.
5. बहुत ज्यादा दबाव
अगर आप अपने पार्टनर पर कमिटमेंट करने के लिए बहुत दबाव डालती हैं तो भी वह इससे दूर भाग सकता है. एक ही बात को रोज सुन-सुनकर लड़कों का उसके प्रति मोहभंग हो जाता है और वे कमिटमेंट को टालना शुरू कर देते हैं.