यूरोप में हुए एक शोध के मुताबिक जो बच्चे कच्चा दूध पीते हैं, उन्हें अस्थमा और एलर्जी का खतरा उबला दूध पीने वाले बच्चों
के मुकाबले कम होता है. हालांकि इस शोध को बहुत बड़ा वैज्ञानिक तथ्य नही माना जा सकता.
शोध से प्राप्त जानकारी के मुताबिक दूध उबालने के दौरान शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले प्रोटीन भी नष्ट हो जाते है.
शोधकर्ताओं ने हालांकि चेतावनी दी कि इस रिपोर्ट को पढ़कर मां-बाप, बच्चों को कच्चा दूध देना न शुरू कर दें .जॉर्ज लॉस
जो इस शोध टीम में शामिल थे, उन्होंने एक अंग्रेजी अखबार को कहा कि कच्चे दूध का सेवन दोधारी तलवार की तरह है. एक
तरफ तो ये अस्थमा के लिए लाभदायक है लेकिन दूसरी ओर इसके गंभीर नुकसान भी हो सकते है. कच्चे दूध में हानिकारक बैक्टेरिया से कोई बचाव नही हो पाता.
लॉस और उनके साथियों ने एक सर्वे किया जिसमें बड़ी संख्या में बच्चे शामिल हुए. उनकी टीम ने 800 सैंपल इकठ्ठा किया. ये तुलना की गई कि उबले दूध और बिना उबले दूध का सेवन करने वाले बच्चों पर क्या प्रभाव पड़ा. कच्चा दूध पीने वाले 41 फीसदी बच्चों में अस्थमा और एलर्जी से लड़ने की प्रतिरोध क्षमता उबला दूध पीने वाले के मुकाबले ज्यादा रही.
हालांकि लॉस का कहना था कि उबलने से दूध में मौजूद बैक्टेरिया खत्म हो जाते है और किसी तरह के नुकसान से बचाव हो जाता है.