बिना वजह के तनाव से दूर रहिए, वरना समय से पहले ही आपकी याददाश्त कमजोर हो सकती है. शोधकर्ताओं के अनुसार, जिन लोगों में तनाव पैदा करने वाले हार्मोन का स्तर अधिक होता है, वृद्धावस्था में उनके मस्तिष्क में रचनात्मक परिवर्तन और याददाश्त में अल्पकालिक कमी दिखाई पड़ती है.
चूहों पर किए गए इस शोध में शोधकर्ताओं ने अल्पकालिक स्मृति के लिए जिम्मेदार मस्तिष्क के प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स के कोशिकाओं की जांच की. गौरतलब है कि चूहों में तनाव के लिए जिम्मेदार हार्मोन 'कॉर्टिकोस्टेरॉन' मानवों में पाए जाने वाले हार्मोन 'कॉर्टिसोल' के समान ही होता है.
शोधकर्ताओं के अनुसार जिन चूहों में कॉर्टिकोस्टेरॉन का स्तर अधिक था, उनके प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स की कोशिकाओं के बीच का संयोजन, अपेक्षाकृत कम कॉर्टिकोस्टेरॉन वाले चूहों से बेहद कम था.
स्टेनफोर्ड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रॉबर्ट सैपोस्की ने कहा, ‘मष्तिस्क के प्रीफ्रंटल क्षेत्र में यह हार्मोन उम्र बढ़ाने वाले एक पेसमेकर की तरह काम कर सकता है.’ सैपोस्की हालांकि इस शोध से जुड़े नहीं हैं. रैडली कहते हैं, ‘अध्ययन से पता चलता है कि मष्तिस्क में इस हॉर्मोन का प्रभाव जैसा पहले समझा जाता था उससे कहीं ज्यादा पड़ता है.’