दिल्ली के करीब 83.8 प्रतिशत लड़के और 64.6 प्रतिशत लड़कियां 18 साल से कम उम्र से ही शराब का सेवन शुरू कर देते हैं. यह खुलासा एक सर्वे में हुआ है. इनमें से 11.1 फीसदी लड़के हर महीने 8000 रुपये तक शराब पर खर्च करते हैं जबकि लड़कियों में इतने ही रुपये खर्च करने का प्रतिशत 2.1 है.
शराब पीकर गाड़ी नहीं चलाने को लेकर जागरूकता का काम कर रही एक गैरसरकारी संस्था सीएडीडी (कैंपेन अगेंस्ट ड्रंकेन ड्राइविंग) ने यह सर्वेक्षण रिपोर्ट जारी की है. संयुक्त राष्ट्र द्वारा पूरी दुनिया में सड़क सुरक्षा को लेकर इस हफ्ते चलाए जा रहे अभियान के तहत यह सर्वेक्षण कराया गया है.
सर्वेक्षण में यह खुलासा भी हुआ है कि दिल्ली के युवाओं में करीब 34.5 फीसदी पुरुष एक हफ्ते में दो से चार बार शराब का सेवन करते हैं जबकि महिलाओं का प्रतिशत 28 है. सीएडीडी के संस्थापक प्रिंस सिंघल ने बताया कि पबों में युवाओं की बढ़ती संख्या से पता चलता है कि आज का युवा सबसे ज्यादा स्वतंत्र है.
बकौल सिंघल उनके पास पहले से ज्यादा पैसा है. सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या के लिए ज्यादातर युवा चालकों का जिम्मेदार होना भी यही दर्शाता है. उन्होंने यह भी बताया कि भारत में सड़क दुर्घटना से मरने वालों की तादाद सबसे ज्यादा है और कम उम्र में पीने की शुरुआत होने से यह समस्या को और बढ़ाता है.
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि प्रशासन, शैक्षणिक संस्था, माता-पिता एक साथ आगे आएं और इस समस्या को दूर करने का प्रयास करें. सर्वेक्षण में यह भी बताया गया है कि पुलिस की सुस्ती और नियमों का ठीक से पालन नहीं हो पाना भी इस बढ़ती समस्या का एक बड़ा कारण है.