डेंगू दिल के लिए खतरनाक साबित हो सकता है डेंगू मरीज के ब्लड प्लेटलेट्स कम होने से दिल पर गहरा असर पड़ सकता है जिस पर ध्यान न देने से वह जानलेवा साबित हो सकता है
भारत को माना जाता है
डेंगू की राजधानी
दुनिया में भारत को डेंगू की राजधानी माना जाता है, क्योंकि यहां पर डेंगू के सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए जाते हैं मानसून में यह बिमारी और बढ़ जाती है, क्योंकि सड़कों पर गड्डों में पानी
भर जाता है और ठहरे हुए पानी में एडीज मच्छर तेजी से पनपते हैं हालही में हुए एक शोध के अनुसार, 58 लाख से ज्यादा भारतीय हर साल डेंगू से पीड़ित पाए जाते हैं, यह अंकड़ा सरकारी रिपोर्ट में दर्ज 20000 के
अंकड़े से 282 गुना ज्यादा है
जानें डेंगू के लक्षण
डेंगू में बुखार, उल्टी, सिर दर्द, आखों के पीछे दर्द और जोड़ो व मांसपेशियों में तेज दर्द होता है इस बीमारी की जांच कम प्लेटलेट से होती है जो कि रक्त
की जांच से की जाती है इससे शरीर के अहम अंगों पर होने वाले प्रतिकूल असर के मद्देनजर शहर के विषेशज्ञों ने इसकी रोकथाम के तरीकों के बारे में जागरूकता फैलाने और तेजी से बढ़ते डेंगू के मामलों में तुरंत
कदम उठाने की सलाह दी है.
दिल के रोगी रखें विशेष ध्यान
ज्यादातर लोगों को इस बारे में जानकारी नहीं होती कि दिल के रोग वाले मरीजों पर इसका क्या असर होता है श्री बालाजी एक्शन मेडिकल
इंस्टीट्यूट के कॉर्डियोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रमुख डॉ. अमर सिंघल ने बताया कि डेंगू मरीज के प्लेटलेट्स कम होने से उसके दिल पर असर पड़ सकता है अगर प्लेटलेट्स 45000 से नीचे चली जाए तो दिल पर गहरा
असर हो सकता है और ऐसे मरीज पर तुरंत ध्यान न दिया जाए तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है दिल के आस-पास लिक्विड पदार्थ जमा होने से दिल की मांसपेशियों में कमजोरी और रक्त ध्मनियों में
रिसाव जैसी गंभीर समस्याएं डेंगू की वजह से हो सकती हैं
ECG से करें दिल पर डेंगू के असर की जांच
डॉ.सिंघल ने कहा कि डेंगु का इलाज कर रहे डॉक्टर इसकी जांच ईसीजी के जरिए कर सकते हैं
और अगर कोई गड़बड़ नजर आए तो तुरंत इलाज करना चाहिए हम जानते हैं कि डेंगू को रोकने के लिए कोई वैक्सीन नहीं है, इसलिए हमें घरों के आसपास मच्छरों के पैदा होने से रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए
उन्होंने कहा कि दिल के मरीजों को खासतौर पर मानसून में अपने डॉक्टर से डेंगु से सावधानी की जानकारी ले लेनी चाहिए. महाराजा अग्रसेन अस्पताल के इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. भारत भूषण
चानणा ने कहा कि डेंगू में दिल के रोगों के मामले बहुत ही कम पाए जाते हैं, पर यह जानलेवा साबित हो सकते हैं अगर इनके लक्षणों का जल्दी पता लग जाए तो दिल की समस्याओं का इलाज किया जा सकता है,
उन्होंने कहा कि इसके इलाज के लिए एंटीअर्थमेटिक्स, इनोटरोप्स और हालत को देखते हुए, स्थायी या अस्थायी तौर पर पेसमेकर का इस्तेमाल किया जा सकता है ऐसे किसी मामले का पता लगने पर तुरंत
कॉर्डियोलॉजिस्ट को दिखाना चाहिए दिल के मरीजों को पता होना चाहिए कि डेंगू उनके लिए कितना खतरनाक हो सकता है डॉ. चानणा ने कहा कि लोगों को अपने घर के आस-पास, खासतौर पर सुबह पानी जमा
नहीं होने देना चाहिए और दिन में एंटी मॉसक्यूटो क्रीम लगाकर रखने के साथ ही पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने चाहिए, क्योंकि डेंगू मच्छर दिन में ही होते है.
इनपुट-IANS